अमृतपुर। नाबालिग छात्रा को परीक्षा के बहाने ले जाने की विवेचना को बदल कर भोजपुर चौकी इंचार्ज को दी गई है। चौकी इंचार्ज ने वादी व पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा को मुफ्त में पढ़ाई कराए जाने के बहाने ले जा कर छेड़छाड़ करने के आरोप पिता ने छह नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ 11 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसकी विवेचना अमृतपुर थाने के दरोगा रवि सोलंकी कर रहे थे। दरोगा पर अभियुक्तों से मिले होने के आरोप वादी ने लगाए थे। इस पर पुलिस अधीक्षक ने 12 फरवरी को दरोगा से विवेचना हटाकर थाना कमालगंज की चौकी भोजपुर के प्रभारी अखिलेश कुमार को दे दी गई।
चौकी प्रभारी ने वादी व पीड़ित के बयान एक मार्च को दर्ज किए हैं। वादी ने वही बताया जो प्राथमिकी में दर्ज कराया था। विवेचक ने बताया कि अभी वादी व पीड़ित बयान लिए गए हैं। अन्य सदस्यों से भी घटना की जानकारी की जाएगी। पीड़ित के पिता ने एडीजी से शिकायत की कि थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। इसमें अपहरण की धारा नहीं लगाई है। इस पर एडीजी ने 28 फरवरी सीओ अमृतपुर, थानाध्यक्ष व विवेचक को तलब किया था। पूर्व विवेचक रवि सोलंकी ने बताया कि एडीजी ने बुलाया था। घटना के बारे में पूरी जानकारी करते हुए अभी तक क्या कार्रवाई हुई इसके बारे में भी पूछा था।