मानव कल्याण व मंगल कामनाओं के साथ गुरुवार को मेला रामनगरिया का शुभारंभ हो गया। दो घंटे देरी से पहुंचे जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने आचार संहिता के कारण फीता काटने से गुरेज किया और हवन में आहुतियां देकर मेले की शुरुआत की। डीएम के देरी से आने के कारण साधु-संतों व धर्म गुरुओं ने उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
गुरुवार दोपहर तीन बजे से मेला रामनगरिया का शुभारंभ होना था लेकिन डीएम दो घंटे बिलंव से पहुंचे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न धर्मों के धर्म गुरु पादरी किशन मसीह, ज्ञानी गुरुवचन सिंह, पप्पन मियां, बाल संत बालकदास, जूना अखाड़े के महंत सत्यगिरि, नारायण स्वरूप, सोमवारपुरी, रामप्रकाश आश्रम, देवाश्रम, बाबा बालकदास आदि संत खफा होकर उद्घाटन स्थल से चले गए। शाम करीब 5 बजे दल बल के साथ पहुंचे जिलाधिकारी ने हवन में आहुतियां डालीं। आचार संहिता के चलते उन्होंने फीता काटने से परहेज किया।
आचार्य प्रदीप नारायण शुक्ल व श्रीश्री रविशंकर गुरुकुल के छात्रों ने हवन में आहुतियां डलवाईं। इसके बाद मां गंगा के पावन तट पर दीपदान व गंगा आरती का आयोजन किया गया। वैदिक रीति से हवन, पूजन के बाद मेले का उद्घाटन हुआ। इस दौरान संजय गर्ग, शशांक शेखर मिश्रा, संजय तिवारी, एडीएम आरबी सोनकर, सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह, एसपी सुभाष सिंह बघेल, सीओ सिटी आलोक सिंह, आचार्य सत्यनारायण मिश्र मधुप और कैलाश शुक्ला आदि मौजूद रहे।
गंगा में लगाई श्रद्धा की डुबकी
मेला रामनगरिया में पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने मां गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने मोक्ष की कामना के साथ मां गंगा की आराधना की।
गुरुवार सुबह से ही सर्दी के चलते गंगा स्नान करने वालों की तादाद में कमी दिखी। साधु-संतों व कल्पवासियों ने गंगा में स्नान किया। स्नान का क्रम पूरे दिन चलता रहा। भीड़ कम होने से घाटों पर बैठे पंडे व दुकानदारों को मायूसी हाथ लगी।
गंगा स्नान के लिए मेला प्रशासन ने तैयारियां की थीं। प्राइवेट गोताखोरों को लाइफ जैकेट पहनाकर तैनात किया गया। वहीं, गहरे पानी को चिन्हित कर लाल झंडियां लगाई गई थीं। दोपहर में धूप निकलने के बाद गंगा स्नान करने वालों की संख्या में कुछ इजाफा हुआ।
दावों के बावजूद बंद नहीं हुए नाले
मेला रामनगरिया के शुरू होने के बाद भी नालों की न तो टैपिंग हुई और न ही उन्हें डायवर्ट किया गया। जिसकारण पौष पूर्णिमा पर कल्पवासियों को प्रदूषित पानी में ही स्नना करना पड़ा।
गुरुवार को शाही स्नान के पहले दिन ही मेला प्रशासन की सारी व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। शहर की ओर से आ रहे नालों को डायवर्ट करने के लिए जेसीबी से खुदाई करवाई गई लेकिन यह सब व्यर्थ रहा। पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को गंदे पानी से आचमन और स्नान करना पड़ा।
नाला बंद न किए जाने पर साधु-संतों ने आक्रोश व्यक्त किया। आदर्श क्षेत्र के महंत शिवस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि नाला न बंद किया जाना हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। इन्होंने कहा कि इसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अयोध्या पीठ से आए बाल संत बजरंग दास ने कहा कि सैकड़ों किलोमीटर दूर से वह मोक्ष दायिनी मां गंगा में डुबकी लगाकर कल्पवास करने आए हैं। यहां स्नान करने वाले लोगों को मेला प्रशासन कोई सहूलियत नहीं दे रहा है। गंदे गंगाजल में स्नान करने के बाद शरीर में खुजली होने लगी है।
संतों ने कहा कि यदि नाले को बंद न किया गया तो धरना, प्रदर्शन किया जाएगा। मेला सचिव शिवबहादुर सिंह ने कहा कि नाले के पानी को डायवर्ट करने के लिए जेसीबी से नाला खुदवाया गया था। अधिकांश नाले का पानी डायवर्ट कर माधौपुर के खेतों की ओर भेज दिया गया है। यदि कुछ पानी गंगा की ओर आ रहा है, तो नाले पर बांध बनवाकर उसको पूरी तरीके से रोका जाएगा।
संस्कार भारती की रंगोली ने मोहा मन
मेला रामनगरिया के शुभारंभ पर संस्कार भारती के कलाकारों ने प्रशासनिक क्षेत्र में रंगोली बनाई। रंगोली को देखने के लिए बड़ी संख्या में कल्पवासी जुटे रहे। गुरुवार शाम को मेला रामनगरिया का उद्घाटन कार्यक्रम था। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए संस्कार भारती के अतुल कपूर के निर्देशन में रंगोली बनाई गई।
विभिन्न रंगों से सजाई गई रंगोली सभी के आकर्षण का केंद्र रही। सारिका सिंह, नेहा दुबे, स्वेता पांडेय, अंशिका शुक्ला, प्रतिभा पांडेय, अश्मिता यदुवंशी, सृष्टी दीक्षित, देवांगी दीक्षित, गरिमा सिंह और शिवानी सिंह आदि ने विभिन्न रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को रंगोली में उकेरा।
पुल पर नहीं लगे टिनशेड
मेला रामनगरिया के निरीक्षण के दौरान डीएम प्रकाश बिंदु ने मेला सचिव को पांचाल घाट पुल की रेलिंग पर टिनशेड लगाने के निर्देश दिए थे। डीएम का कहना था कि गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को देखने के लिए लोग पुल से झांकते रहते हैं। इस पर मेला सचिव सिटी मजिस्ट्रेट शिवबहादुर सिंह ने दूसरे दिन से ही पुल पर टिनशेड लगवाने का काम शुरू करवाया। पहले दिन ही कुछ मीटर की टिनशेड लगाया गया। बुधवार को गंगा स्नान के दौरान पुल से गुजरने वाले लोगों के अलावा ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी भी गंगा में स्नान करने वालों को ताकते रहे।
आचार संहिता उल्लंघन: मेले में लहरा रहे राजनीतिक दलों के झंडे
मेला श्री रामनगरिया में आचार संहिता का उल्लंघन भी देखने को मिला। इसकी वानगी मेले में लगे राजनैतिक दलों से झंडों से होती है। मेले की दूसरी सीढ़ी पर बच्चा स्वामी क्षेत्र में भाजपा का झंडा तथा तीसरी सीढ़ी पर कहूलिया क्षेत्र में समाजवादी पार्टी का झंडा लहरा रहा है। मेले में ड्यूटी कर रहे मेला प्रशासन व पुलिस के जवानों को यह झंडे दिख नहीं रहे हैं। झोपड़ी पर झंडा लगाए हुए लोगों का कहना है कि उनके मिलने वाले लोग कल्पवास के स्थान को आसानी से पहचान लें, इसलिए ऊंचाई पर इन झंडों को लगाया गया है। मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित ने बताया कि उन्हें मेले में झंडे लगे होने की कोई जानकारी नहीं है। ऐसे झंडों को उतरवाया जाएगा।