जूही शाह बाबा के मजार पर पीले लिबास में गागर पेश करने जाते सज्जादानशीन मुशीर मियां।
- फोटो : जूही शाह बाबा के मजार पर पीले लिबास में गागर पेश करने जाते सज्जादानशीन मुशीर मियां।
कायमगंज। वर्षों से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम किए हजरत जूही शाह बाबा की मजार पर वसंतोत्सव धूमधाम से मनाया। मजार पर सरसों व गेंदा के पीले फूल, आम के पत्ते, गेहूं की बाली भरी गागर मजार पर पेश की।
गांव गऊ टोला स्थित जूही शाह बाबा की मजार पर हर साल की तरह इस साल भी वसंत पंचमी के मौके पर वसंतोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसमें हिंदू मुस्लिम हर वर्ग के लोग शामिल हुए। सोमवार को दरगाह रंग बिरंगी पतंगी कागज से सजाई गई। श्रद्धालु पीले रंग के फूलों से भरी गागर सिर पर रखकर चले और दरगाह पर पेश की।
दरगाह के सज्जादानशीन हजरत पीरजादा मुशीर अहमद चिश्ती कादरी ने बताया कि इस दिन शिक्षा व बुद्धि की देवी मां शारदे का जन्म हुआ। इसे हिंदू मनाते हैं। इसके साथ-साथ मुस्लिम में चिश्तिया सिलसिले के लोग भी इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। दरगाहों पर वसंत मनाने का सिलसिला 700 साल पुराना है।
इस दौरान मुफ्ती मुनीर अहमद, हाफिज नूरी, आकिल खान, मसूद खान, डॉ. आदित्य रतन, हरिओम, अधिवक्ता जव्बाद, जुनैद खान, राहुल सागर, आसिफ, अरशद मंसूरी मौजूद रहे।