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सपा में अजीत का टिकट कटते ही खेमाबंदी बढ़ी

Wed, 28 Dec 2016 10:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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अजीत कठेर‌िया - फोटो : amar ujala
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कायमगंज के सपा विधायक अजीत कठेरिया का टिकट कट जाने पर पार्टी में अंतर्कलह की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। अजीत कठेरिया के स्थान पर रामशरन कठेरिया को सपा प्रत्याशी घोषित किया गया है। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में रामशरन कठेरिया को सपा ने प्रत्याशी घोषित किया था लेकिन घोषणा के तीन दिन बाद इनका टिकट काटकर अजीत कठेरिया को दे दिया गया।
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विधायक अजीत कठेरिया वर्ष 2012 में हुए चुनाव में विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। विधायक अजीत कठेरिया ने पूर्व मंत्री अमृतपुर विधायक नरेंद्र सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।
इनके विरोध में सपा का दूसरा खेमा आ गया। वर्ष 2012 में हुए विस. चुनाव में पूर्व विधायक इजहार आलम, पूर्व विधायक प्रताप सिंह यादव और कल्लू यादव ने रामशरन कठेरिया को टिकट दिलवाया था। टिकट कट जाने के बाद उनसे वादा किया गया था कि आगामी चुनाव में रामशरन कठेरिया निवासी हंसापुर गौराई को प्रत्याशी बनाया जाएगा।
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 रामशरन कठेरिया सपा से वर्ष 1992 से जुड़े हैं। यह अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। इस बार सपा ने रामशरन कठेरिया पर फिर दांव लगाया है। समाजवादी पार्टी में अभी तक केवल कायमगंज और सदर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। भोजपुर और अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी हाईकमान का मंथन जारी है। जिलाध्यक्ष विश्वास गुप्ता का कहना है कि पार्टी हाईकमान ने जो फैसला लिया है। सभी कार्यकर्ता उसका स्वागत करते हैं।
 उनका कहना है कि अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र और भोजपुर में सीट घोषित होने के लिए पार्टी हाईकमान विचार कर रही है। अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र से नरेंद्र सिंह विधायक मौजूदा समय में हैं और भोजपुर से जमालुद्दीन सिद्दीकी विधायक हैं।
 जमालुद्दीन सिद्दीकी ने अपने पुत्र अरशद जमाल के लिए टिकट की मांग की है। फिलहाल यहां सपा दो खेमों में बंटी है। राजेपुर के ब्लाक प्रमुख डॉ. सुबोध यादव कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे हैं और दूसरे खेमे में अमृतपुर विधायक नरेंद्र सिंह के साथ अजीत कठेरिया समेत कई पदाधिकारी पाला खींचे हैं। नरेंद्र सिंह के खेमे में रहने का खामियाजा अजीत कठेरिया को भुगतान पड़ा।
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