आवास-विकास स्थित सपा कार्यालय पर मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री की
जयंती मनाई गई। इस दौरान सपाइयों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर मिष्ठान
वितरित किया। इस अवसर पर मुन्ना यादव, मंदीप यादव, रामजी वाजपेयी, असलम शेर
खां, निर्दोष शुक्ला, रमेशचंद्र यादव, भूपेंद्र सिंह, अजय सिंह, बबलू
कटियार, सैयद इरशाद अली, शाहमीर खां, शिवपाल सिंह यादव और राजीव यादव आदि
मौजूद रहे।
वहीं महानगर समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के अध्यक्ष
जितेंद्र अग्रवाल के आवास पर केक काटा गया। वक्ताओं ने कहा कि चौधरी चरण
सिंह ने अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में किसान हित की कई योजनाएं
चलाईं। रामजी मिश्रा, आनंद कुमार गुप्ता, सुमित वाजपेयी, गिरिजाशंकर
दीक्षित, सचिन गुप्ता, नीरज गुप्ता, गिरधर गोपाल, शनि गुप्ता, अनुज कुमार,
रामनिवास बाथम, अमित शुक्ला, अनुराग अग्रवाल, विमल कुमार गुप्ता, परवेज खान
और नवल किशोर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट में रालोद जिला अध्यक्ष
रामनिवास शाक्य ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने जमीदारी प्रथा को समाप्त
किया। किसानों को पटवारियाें से मुक्ति दिलाई। द्रोण सिंह गंगवार ने कहा
कि चरण सिंह के ऋण निवृत्ति बिल से लाखाें किसानाें को फायदा मिला। हवन
में राहुल तिवारी, अजय पांडेय, मीनू, मुन्नीदेवी, धर्मेंद्र कटियार, अशफाक,
रामसरन, राजेंद्र सिंह, जितेंद्र , इंद्रजीत कुशवाहा, महेंद्र सक्सेना ने
हवन में आहुतियां दीं।
कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार विश्व बंधु परिषद ने
गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें रामबाबू मिश्र ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थ
व्यवस्था की रीढ़ है। नेहरू की उद्योग नीति से हटकर चौधरी चरण सिंह ने खेती
और किसान का पक्ष लिया था।
उन्होंने किसानाें के सरोकारों के लिए संघर्ष
किया था। हरिश्चंद्र यादव ने चौधरी चरण सिंह का सच्चा हमदर्द बताया। वीएस
तिवारी ने कहा कि वह राजनीति में अनुशासन के पक्षधर थे। जेपी दुबे नेे कहा
कि चौधरी साहब को ही हरित क्रांति का असली श्रेय जाता है।
गोष्ठी में
सत्य प्रकाश चतुर्वेदी, आरके दुबे, आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी, विनय यादव,
विजय कठेरिया, सतीश सिंह यादव आदि ने विचार व्यक्त किए।