डीपआरओ कार्यालय के कर्मचारी को अस्पताल ले जाते कर्मचारी
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सफाई कर्मचारी का वेतन निकालने को लेकर सपा नेता का डीपीआरओ कार्यालय के लिपिक से विवाद हो गया। सपा नेता ने काम न करने पर कार्यालय में आत्मदाह करने की धमकी दी। यह सुनकर कर्मचारी बेहोश होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा। वहां मौजूद कर्मचारियों के शोर शराबा करने पर अन्य विभागों के कर्मचारी एकत्र हो गए।
कर्मचारियों की भीड़ देखकर सपा नेता वहां से खिसक गए। आनन-फानन में बेहोश हुए कर्मचारी को प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इस उत्पीड़न के विरोध में कर्मचारी संघ ने विकास भवन में तालाबंदी कर दी। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।
मंगलवार को सपा नेता रंजीत चक विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे। इन्होंने लिपिक सतीश त्रिवेदी से सफाई कर्मचारी के वेतन संबंधी समस्या का समाधान करने की बात कहीं। लिपिक ने कहा कि अधिकारी तहसील दिवस में गए हैं। जब वह वापस आएंगे। तब समस्या का समाधान होगा। इसको लेकर लिपिक और सपा नेता में नोकझोंक होने लगी।
तभी सपा नेता ने लिपिक को धमकाना शुरू कर दिया। धमकी दिए जाने से लिपिक सतीश त्रिवेदी बेहोश होकर कार्यालय में जमीन पर गिर पड़े। यह देखकर अन्य कर्मचारियों में हलचल मच गई। अन्य विभागों के कर्मचारी भी वहंा दौड़ कर आ गए। मामला बिगड़ता देख सपा नेता रंजीत चक विकास भवन से चुपचाप निकल गए। कर्मचारियों ने आनन फानन में सतीश त्रिवेदी को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया
। कर्मचारी संघ के नेताओं ने कर्मचारी के साथ हुई अभद्रता के विरोध में विकास भवन में तालाबंदी कर दी। इससे विकास भवन में सन्नाटा पसर गया। घटना की जानकारी मिलने पर नगर मजिस्ट्रेट विकास भवन पहुंचे। वहां कर्मचारियों से घटना की जानकारी लेने के बाद वह अस्पताल में कर्मचारी को देखने गए। सीओ सिटी भी अस्पताल आए और कर्मचारी से घटना की जानकारी ली।
सुरक्षा की दृष्टि से विकास भवन में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया। कर्मचारी को अस्पताल में देखकर बापस लौटने पर कर्मचारियों ने विकास भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि सपा नेता ने सतीश त्रिवेदी को काम न करने पर कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दी और कानपुर आयुक्त से शिकायत करने की धमकी दी थी। इस कारण उनका वीपी बढ़ गया और वह बेहोश होकर गिर पड़े।