ईदुलजुहा का त्योहार जिले भर में खुशनुमा माहौल में मनाया गया। ईदगाहों समेत विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिमों ने पुरअमन माहौल में नमाज-ए-शुक्र अदा की। दरबारे खुदा में हजारों सिर बंदगी के लिए झुके और वतन की खुशहाली की दुआ मांगी गई। लोगों ने गले मिलकर मुबारकबाद दी और कुर्बानी पेश की।
सुबह से लोग नमाज अदा करने के लिए ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचने लगे। गुरुगांव देवी मंदिर के पास स्थित छोटी व बड़ी ईदगाह देखते ही देखते नमाजियों से खचाखच भर गईं। उत्साह के माहौल में बड़ों के साथ बच्चे भी ईदगाह पहुंचे। नई ईदगाह में मौलाना मुफ्ती मोअज्जम अली की इमामत में नमाज अदा की गई।
इस दौरान मौलाना ने कहा कि मुसलमान हजरत इब्राहीम और उनके बेटे हजरत इस्माईल की आजमाइश और कुर्बानी से सबक लें और अल्लाह की बंदगी में गफलत न करें। इसके साथ ही मुल्क में अमन व शांति, इज्जत, आबरू व इबादतगाहों की हिफाजत की रुंधे गले और भीगी पलकों के बीच दुआ मांगी गई। अर्रा पहाड़पुर स्थित पुरानी ईदगाह में हजारों मुसलमानों ने खुदा की बंदगी के लिए सिर झुकाए।
हाफिज अब्दुल जलील अंसारी की इमामत में पुर अमन माहौल में नमाज अदा कर दुआ को हाथ फैलाए। हाजी मुजफ्फर हुसैन रहमानी और हाजी दिलदार हुसैन ठेकेदार ने व्यवस्था संभाली। गढ़ी जदीद की सुनहरी मस्जिद में शिया मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली की इमामत में नमाज अदा हुई। इस अवसर पर आफताब हुसैन, काजी जफर शाह, नावेद अल्वी, मुम्ताज हुसैन और सलीम हैदर आदि मौजूद रहे।
दरगाह हुसैनिया मुजीबिया मस्जिद में शाह फसीह मुजीबी तथा मस्जिद काजी साहब में सैयद मुताहिर अली की इमामत में लोगों ने नमाज अदा की। इसके अलावा शमसेर खां मस्जिद में हाफिज मुनव्वर, मस्जिद बीवी साहबा में इजहारुल हक ने नमाज पढ़ाई। इस मौके पर शेर अफगन खां, फैसल रईस, असलम शेर खां, नासिर अली और हाजी वारिस अली आदि मौजूद रहे।
शेखपुर दरगाह अहसनी महमूदी मस्जिद में हाफिज मकसूद ने नमाज अदा कराई। सज्जादा नशीन शाह आमिर मियां और मकसूद अहसन ने व्यवस्था संभाली। इसके अलावा फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ की प्रमुख मस्जिदों में भी नमाज हुई। इस अवसर पर अफजल हुसैन, रियाज फारुकी, हाजी अल्लादीन और युनूस अंसारी आदि मौजूद रहे।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार झन्नाखार मस्जिद में मुन्नेस हाफिज, शाही जामा मस्जिद कोट सैदवाड़ा में हाफिज महताब में ईदुलजुहा की नमाज अदा की गई। इस दौरान भारी संख्या में पुलिसबल मौजूद रहा। इस अवसर पर लालमियां, साहब खां, खुशहाल मियां, फैजान खां, युसूफ, इलियास और इलियास मंसूरी आदि मौजूद रहे।