फर्रुखाबाद। अपराध शाखा लखनऊ के डीआईजी, जिला ललितपुर में पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी और एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी ने घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ व जातिसूचक गाली-गलौज करने के मुकदमे में विशेष अदालत एससी/एसटी में आत्मसमर्पण किया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सभी की जमानत मंजूर कर दी। मुकदमे में आरोप भी तय कर दिया गया है। अब इसमें गवाही होगी।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला शीशमबाग निवासी अजय कुमार ने तत्कालीन सीओ सिटी देवेंद्र प्रताप नारायन पांडेय उर्फ डीपीएन पांडेय, कर्नलगंज चौकी के तत्कालीन प्रभारी इमरान खान, सिपाही जेडी सिंह, द्रगपाल सिंह, सिपाही रामवीर सिंह, सिपाही कमल किशोर यादव के खिलाफ कोर्ट में 2001 में परिवाद दर्ज कराया था। इसमें पीड़ित ने आरोपियों पर घर में घुस कर मारपीट, तोड़फोड़ करने और जातिसूचक गाली देकर अपमानित करने के बाद झूठे मुकदमे मेें फंसाने का आरोप लगाया था।
कोर्ट ने सभी आरोपी पुलिस कर्मियों को तलब किया। आरोपी पुलिस कर्मियों ने 15 मार्च को कोर्ट में अग्रिम जमानत का प्रार्थनापत्र दिया था। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी पुलिस कर्मियों की अग्रिम जमानत 28 मार्च तक के लिए मंजूर कर दी थी। इन सभी आरोपी पुलिस कर्मियों ने विशेष अदालत एससी/एसटी कोर्ट में सोमवार को आत्मसमर्पण किया। अधिवक्ता विजय कुमार शर्मा ने जमानत अर्जी पेश की।
सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सभी आरोपी पुलिस कर्मियों की जमानत मंजूर कर दी है। डीपीएन पांडेय बस्ती जिले के नाथपुर पांडेय गोपीनाथपुर के रहने वाले हैं। वह वर्तमान में अपराध शाखा लखनऊ में डीआईजी हैं। दीवान द्रगपाल सिंह फिरोजाबाद के थाना नारकी के गांव हुसैनपुर के निवासी हैं। वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इमरान खान कानपुर नगर के थाना चकेरी के जवाहरपुरम श्यामनगर के मूल निवासी हैं।
वर्तमान में इंस्पेक्टर हैं और ललितपुर पुलिस लाइन में तैनात हैं। दीवान जेडी सिंह उर्फ जमादार सिंह यादव इटावा के थाना बकेवर के गांव नगला दुजू निवासी हैं। वर्तमान में कानपुर नगर के थाना महाराजपुर में चालक हैं। दीवान कमल किशोर यादव फिरोजाबाद जिले के थाना जसराना के मिलावली खड़ोत के मूल निवासी है। वर्तमान में हाथरस जिले की कोतवाली सादाबाद में तैनात हैं।
एचसी रामवीर सिंह मैनपुरी जिले के थाना घिरौर के ओये के रहने वाले हैं और वर्तमान में पुलिस लाइन सहारनपुर में तैनात हैं। अधिवक्ता विजय कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी पुलिस कर्मियों पर आरोप तय हो गया है। मुकदमा गवाही पर आ गया है।