फर्रुखाबाद। प्रयागराज महाकुंभ में अभी दो शाही स्नान होेने हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय डिपो की छह बसों को फिर प्रयागराज भेजा गया है। यह बसें दिल्ली रूट की होने की वजह से दिक्कत होगी। आरएम उमेश चंद्र आर्या ने कार्यशाला और बस अड्डा की व्यवस्थाएं परखीं। कहा कि बस के अभाव में कोई श्रद्धालु प्रयागराज जाने से वंचित न रह जाए।
प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए स्थानीय डिपो की 85 बसों को लगाया गया था। इन बसों को तीन दिन पहले ही वापस भेज दिया गया था। जबकि दो स्नान माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि का होना शेष है। प्रयागराज में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शुक्रवार शाम फिर से छह बसों को भेज दिया गया है। यह सभी नई बसें दिल्ली रूट की हैं। हर रोड दिल्ली जा रहीं 34 से अधिक बसों में से कटौती होने से यात्रियों को दिक्कतें होनी की आशंका जताई जा रही है।
प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को परखने क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) उमेश चंद्र आर्या दोपहर करीब तीन बजे फतेहगढ़ कार्यशाला पहुंचे। उन्होंने बसों को चेक किया। एआरएम राजेश कुमार से कहा कि बसों में मरम्मत का काम अच्छा तरह से किया जाए। इसके बाद वह बस अड्डा पहुंचे। यहां मैदान में गंदगी देख नाराजगी जताई। इसके बाद एआरएम के कमरे में बैठ गए। उन्होंने बताया कि उनका जोर महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं को हर हाल में बस उपलब्ध कराना है। कोई भी श्रद्धालु बस के अभाव में कुंभ जाने से न रह जाए। बस अड्डा पर यात्रियों की सुविधाएं दुरुस्त रहेंगी। फिलहाल कोई कमी नहीं मिली है।