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साहब, वार्डन नहीं देती पेट भर भोजन

Sat, 03 Sep 2016 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
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केंद्र सरकार हिमाचल में ऑटोमेटिड एसएमएस योजना शुरू करने जा रही है।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय राजेपुर में छात्राओं से मिलने आए अभिभावकों को जब छात्राओं ने आपबीती सुनाई तो वह आग बबूला हो गए। छात्राओं ने वार्डन पर कई गंभीर आरोप लगाए। बीएसए ने जांच करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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क्षेत्र के गांव किराचन निवासी रामनरेश, सुरेंद्र पाल, पन्नालाल और लालाराम की बेटियां कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय राजेपुर में पढ़ती हैं। शनिवार को ये लोग जब अपनी बेटियों से मिलने विद्यालय पहुंचे तो छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें हल्की-हल्की सिर्फ दो रोटियां दी जाती हैं, जिससे वह भूखी रह जाती हैं

। दोबारा रोटियां मांगने पर वार्डन पिटाई कर देती हैं। छात्राओं ने बताया कि उन्हें सुबह के नाश्ते में खराब केले दिए जाते हैं। कुछ अच्छे फलों को थाली में रखकर फोटो विभाग को भेज दिए जाते हैं। छात्राओं ने बताया कि दस-दस छात्राओं की टोलियां बनवाई गई हैं।
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टोली की छात्राओं को विद्यालय में रसोइयों के साथ भोजन में भी हाथ बंटाने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसा न करने पर उनकी पिटाई की जाती है। वार्डन संतोष पाठक ने बताया कि छात्राओं को पेट भर भोजन दिया जाता है, उनके साथ मारपीट करने का आरोप गलत है।

अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वार्डन ने उनसे जबरदस्ती लिखवाकर लिया है, कि छात्राओं की तबियत ठीक न होने के कारण उन्हें घर ले जा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि वह इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे। बीएसए संदीप चौधरी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है।
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मामले की जांच बीईओ से कराई जाएगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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