फर्रुखाबाद-कानपुर रेलवे ट्रैक को देखते डीआरएम निखिल पांडेय।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर (डीआरएम) ने शनिवार को फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। फर्रुखाबाद में पूछताछ का टेलीफोन और रेलवे ट्रैक पर खामियां मिलने पर अफसरों को चेतावनी दी। प्लेटफार्म नंबर तीन पर निरीक्षण के दौरान कई ठेकेदारों के पास रेल नीर की बोतलें न मिलने पर नाराजगी जताई। वार्ता के दौरान डीआरएम ने जल्द ही चौरीचौरा एक्सप्रेस को फर्रुखाबाद तक चलाए जाने का आश्वासन दिया।
दोपहर करीब 12 बजे डीआरएम निखिल पांडेय ने फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां पर खामियां मिलने पर अफसरों को सुधार करने की हिदायत दी। यहां कुछ देर रुकने के बाद वह फर्रुखाबाद स्टेशन पर पहुंचे। यहां पर वह पूछताछ कक्ष में गए। यहां पर जनता की सुविधा के लिए लगे टेलीफोन को खराब देखकर डीआरएम भड़क गए। उन्होंने रेलवे के इंजीनियर प्रदीप यादव को बुलाकर क्लास लगाई। इस दौरान वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि यह टेलीफोन लंबे समय से खराब पड़ा है।
इस पर डीआरएम ने अफसरों को जमकर हड़काया। बाईपास रेलवे क्रासिंग तक रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया। रेलवे ट्रैक पर पैचिंग न लगी देखकर कर्मचारियों और अफसरों को चेतावनी दी। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर तीन पर निरीक्षण के दौरान कई ठेकेदारों के पास रेल नीर की बोतलें न मिलने पर नाराजगी जताई।
पता चला कि ये लोग दूसरी कंपनी की बोतलें चोरी छुपे बेचते है। डीआरएम ने रेल नीर पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। डीआरएम ने सहायक स्टेशन मास्टर नरेंद्र मिश्रा के कक्ष का निरीक्षण किया। यहां डीआरएम ने रेलवे की तकनीकों के बारे में जानकारी ली तो नरेंद्र मिश्रा उसे नहीं बता पाएं। इस पर डीआरएम ने उनकी व स्टेशन अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद कौशिक की क्लास लगाई। उन्हाेंने बताया कि कानपुर में खड़ी होने वाली चौरीचौरा एक्सप्रेस को फर्रुखाबाद तक चलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2020 तक कानपुर से मथुरा तक विद्युतीकरण होने की उम्मीद है।