फर्रुखाबाद। सैन्य वर्दी का कपड़ा बेचना और खरीदना अब आसान नहीं होगा। वर्दी का कपड़ा खरीदने वालों को दुकानदार के यहां रजिस्टर पर नाम व पता अंकित कराने के साथ पहचान पत्र की फोटो कापी जमा करनी होगी। वर्दी के कपड़े की बिक्री पर प्रशासन शिकंजा कसेगा। इसके लिए दुकानदारों से प्रशासनिक अधिकारी बात कर मानक तय करेंगे।
फतेहगढ़ नगर में सैन्य क्षेत्र है। यहां से चंद कदमों की दूरी पर सैन्य वर्दी का कपड़ा व अन्य सामान खुलेआम बिकता है। इस कपड़े को कोई भी बिना रोक टोक के खरीद सकता है। पठानकोट हमले में आतंकवादी भारतीय सेना की वर्दी का इस्तेमाल करके भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की आंख में धूल झाेंक चुके हैं।
शनिवार को पकड़े गए फर्जी लेफ्टीनेंट कर्नल के घर से कर्नल की वर्दी पुलिस ने बरामद की। इसको गंभीरता से लेकर प्रशासन बाजार में धड़ल्ले से बिकने वाले ड्रेस के कपड़ोें की बिक्री का मानक निर्धारित करेगा।
नगर मजिस्ट्रेट शिव बहादुर सिंह ने बताया कि वर्दी के कपड़े की बिक्री पर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में सेना मेें आदेश आने की जानकारी मिली है।
दुकानदार एक रजिस्टर बनाएंगे। इसमें सैन्य वर्दी का कपड़ा खरीदने वालों का नाम पता और उसका पहचान पत्र की फोटो कापी चस्पा करेंगे। सैन्य वर्दी के कपड़े की बिक्री का मानक भी निर्धारित किया जाएगा। इस संबंध में व्यापारियों से वार्ता की जाएगी।
सीओ सिटी योगेश कुमार ने बताया कि यह गंभीर मामला है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता कर दुकानदारों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे। कपड़ा बेचने से पहले खरीदने वाले के संबंध में पूरी पूछताछ के बाद बिक्री की हिदायत दी जाएगी।