फर्रुखाबाद। लालगेट से बीबीगंज तक चिह्नित किए गए अतिक्रमण को हटाने का की जगह फुटपाथ से अगले सप्ताह अतिक्रमण हटाया जाएगा। फिर भी जाम की समस्या खत्म न हुईं, तो आगे प्रशासन विचार करेगा।
मंगलवार को मऊदरवाजा थाने में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, सीओ सिटी राजवीर सिंह की मौजूदगी में व्यापारियों संग बैठक हुई। जिसमें व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण प्रकाश तिवारी उर्फ ददुआ ने कहा कि दुकानों के बाहर का अतिक्रमण हटाया जाए।
दुकानें टूटीं तो व्यापारी सड़क पर आ जाएगा। व्यापारी अभी भी कोरोना की मार झेल रहा है। जिलाध्यक्ष संजीव मिश्रा उर्फ बॉबी ने पूछा, जहां निशान लगाया है वहां तक अतिक्रमण हटने के बाद नाली बनेगी।
शहर कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने कहा, शासन को नक्शा भेज दिया है। वापस आने पर नाली का बात साफ हो जाएगी। नगर अध्यक्ष हाजी इखलाक ने कहा, दुकानों के आगे लगे बिजली के पोल बीच रोड पर लगाए जाएं।
इसके बाद अतिक्रमण हटे। अभी तोड़फोड़ न की जाए। कंछल गुट के नगर उपाध्यक्ष गिरजा शंकर ने भी अपने विचार रखे। अंत में सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि अगर दुकानों का अतिक्रमण हटाते हैं, तो कई स्थानों पर दुकानों के ऊपर बने मकान भी ढह जाएंगे।
लिहाजा अगले सप्ताह दुकानों के बाहर फुटपाथ का अतिक्रमण हटाएंगे। इसके बावजूद जाम से मुक्ति नहीं मिली, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अंकुर श्रीवास्तव, हाजी वसीम जमा खां आदि रहे।
जिला प्रशासन ने पहले भी कई बार शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जोर आजमाइश की, मगर कामयाबी नहीं मिली। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। चिह्नांकन तो हुआ, मगर कुछ दिन बाद यह लाल निशान खुद ही मिट जाएंगे।
शहर को जाम से मुक्ति दिलानी है, तो रोड से अतिक्रमण हटाना पड़ेगा। यदि अतिक्रमण हटाया, तो सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनीं इमारतें ढहानी पड़ेंगी। ऐसे में वाकई व्यापारियों का बड़ा नुकसान होगा। यह नुकसान एक बार होगा और इसका फायदा लंबे समय तक व्यापारियों को ही मिलेगा। और यदि जाम से मुक्ति नहीं मिली, तो ग्राहकों की संख्या दिन-ब-दिन कम होती जाएगी।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट के नगर अध्यक्ष मनोज मिश्रा और लाखन सिंह ने पत्र दिया। जिसमें कहा गया है कि व्यापारियों को मुआवजा दिया जाए। कई किराये की दुकानों से अपना जीविकोपार्जन चला जाएगा। ऐसे में पालिका दुकानें बनवाकर उन्हें दुकान दे। सड़क किनारे के खंभे तुरंत हटाए जाएं।
प्रशासन फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वालों को हर हाल में हटाने के मूड में है। इसके लिए ईओ ने ठेली-खोमचे वालों के लिए चिह्नित स्थानों की सूची भी पढ़कर सुनाई। ऐसे में लोगों को जरूरत का सामान खरीदने दूरदराज जाना होगा।