फर्रुखाबाद। पिछले सप्ताह उद्योग बंधु की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में रविवार सुबह पुलिस ने चौक, नेहरू रोड, रेलवे रोड पर संडे बाजार लगने से रोक दिया। लामबंद दुकानदारों ने बैठक कर एकजुट होकर नारेबाजी की। इसके बाद व्यापारी नेताओं के साथ नेहरू रोड पर धरना दे दिया। कोतवाली पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। कहा कि कर्ज लेकर कपड़ा खरीदा, अब घाटा होने से बर्बाद हो जाएंगे। पुलिस ने एक दिन की मोहलत दे दी। शाम तक जमकर खरीद फरोख्त हुई।
शहर में प्रत्येक रविवार को चौक, नेहरू रोड, रेलवे रोड पर संडे बाजार लगता है। इसमें आने वाली भीड़ से मुख्यमार्ग जाम हो जाता। एंबुलेंस और कामकाजी लोग जाम में फंसने से घंटों परेशान होते हैं। उद्योग बंधु की बैठक में संडे बाजार न लगने के फैसले के अनुपालन में सुबह कोतवाली पुलिस ने दुकानदारों को दुकानें लगाने से रोका तो दुकानदार लामबंद हो गए।
पहले नेहरू रोड पर नुक्कड़ सभा की। इसमें हर हाल में आरपार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के संडे बाजार शाखा अध्यक्ष नितिन कुमार गुप्ता ने कहा कि हम सबने कर्ज लेकर गर्म कपड़े खरीदे हैं। अब क्रिश्चियन स्कूल मैदान में भेजा जा रहा है। उद्योग बंधु की बैठक में एकतरफा फैसला लिया गया। इसमें उन लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया। किसी कीमत पर हम सब हटने वाले नहीं हैं। जुलूस बनाकर नारेबाजी करते हुए चौक की तरफ गए। वहां व्यापारी नेता अंकुर श्रीवास्तव की मौजूदगी में मुख्यमार्ग पर धरना शुरू कर दिया। इससे जाम लग गया।
दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि क्या गारंटी है कि क्रिश्चियन मैदान से नहीं हटाया जाएगा। कई दशक से हम सब यहां दुकानें लगा रहे हैं। कुछ ही देर में कोतवाली और मऊदरवाजा थाना पुलिस पहुंची। वार्तालाप के बाद एक दिन की मोहलत दे दी गई। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे तक पूरा बाजार सज गया। देर शाम तक बाजार में जमकर खरीदारी हुई।
प्रशासन के सामने रखेंगे बात, निकलेगा समाधान
व्यापार संडे बाजार शाखा अध्यक्ष नितिन कुमार गुप्ता ने कहा कि हम सब एकजुट होकर प्रशासन के सामने अपनी बात रखेंगे। कहा, नहीं चाहते आम लोगों को दिक्कत हो, मगर यदि बाजार हटाया गया तो परिवार चलाना मुश्किल होगा। कोशिश होगी कि बीच का रास्ता निकले। इससे उनकी रोजी-रोटी बनी रहे।
व्यापार मंडलों में एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश
उद्योग बंधु की बैठक में मुख्यमार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या को अधिकांश व्यापार मंडलों के नेताओं ने प्रमुखता से उठाया था। प्रशासन ने भी माना कि समस्या है। रविवार के दिन खरीदारों की भीड़ के चलते घंटों वाहन रेंग-रेंग कर चलते हैं। प्रशासन ने संडे बाजार स्थानांतरित करने के आदेश दे दिए। मगर मिश्रागुट व्यापार मंडल ने अपने को ऊंचा दिखाने के लिए बाजार हटने का विरोध कर दिया। इसी गुट के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर जाम की समस्या का समाधान होने से फिलहाल रुकवा दिया।
पिछली साल लिंजीगंज में बाजार लगाने से किया था इन्कार
ऐसा नहीं कि प्रशासन पहली बार मुख्यमार्ग से बाजार हटवाने का प्रयास कर रहा हो। पिछली साल भी प्रशासन ने काफी सख्ती करके बाजार को लिंजीगंज के 40 फीट चौड़े मार्ग पर लगवाने के प्रयास किए थे। कई रविवार बाजार बंद रखा गया, आखिर में नेहरू रोड और रेलवे रोड पर ही लगना शुरू हो गया था। जबकि प्रत्येक रविवार को लिंजीगंज का अधिकांश बाजार बंद रहने से सड़कों पर सन्नाटा रहता है।
वर्जन
-दुकानदारों को एक सप्ताह की मोहलत दी है। अगले संडे को सख्ती से रोका जाएगा। जाम से आम जनता व एंबुलेंस फंसने से मरीजों को दिक्कत होती है। प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थान पर बाजार लगवाया जाएगा।
- दर्शन सिंह सोलंकी, कोतवाली प्रभारी।