फर्रुखाबाद। अमृत योजना 2.0 के तहत 659 करोड़ रुपये की सीवर लाइन योजना में सबसे पहले फतेहगढ़ के एक लाख लोगों को सहूलियत मिलेगी। नगर विकास विभाग ने फतेहगढ़ के प्रथम चरण को हरी झंडी दे दी।
गलियों व सड़कों पर सीवर की बदबू से निजात मिलेगी। यही नहीं एसटीपी से सौ फीसदी शोधित होकर सीवेज गंगा में जाएगा।
फतेहगढ़, आवास विकास और फर्रुखाबाद तीन चरणों की सीवर लाइन योजना में 70 किमी लाइनें डाली जानी हैं। सबसे पहले सीवर लाइन का लाभ फतेहगढ़ नगर में रह रही करीब एक लाख की आबादी को मिलेगा।
फिलहाल यहां से गुजर रही गंगा के जल को निर्मल बनाए रखने की मंशा से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया गया है। मगर नालों में पॉलिथीन और अन्य गंदगी के चलते एसटीपी चेंबरों से नालों के पूरे पानी की निकासी संभव नहीं हो रही। लिहाजा भारी मात्रा में अक्सर पानी सीधे गंगा में जा रहा है। इससे अभी गंगा में गंदगी जा रही है।
पहले चरण में फतेहगढ़ को शासन की स्वीकृति मिलने के बाद साफ हो गया कि सबसे पहले गलियों में हो रही सीवेज बदबू से निजात मिल जाएगी। यही नहीं नालों में सीवेज पानी का बहाव भी बंद हो जाएगा। इसका सीधा फायदा जनता को होगा।
1990 में पूर्व ऊर्जा मंत्री ने रखा था प्रस्ताव
नगर पालिका क्षेत्र में साढ़े तीन दशक पहले पूर्व ऊर्जा मंत्री स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी ने सीवर लाइन डलवाने का सपना देखा था। उनके पुत्र सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि पिता ने सन 1990 में शहर में सीवर लाइन डलवाने का प्रस्ताव रखा था। मगर किन्हीं कारण से पूरा नहीं हो सका। अब साढ़े तीन दशक पुराना सपना पूरा होने की उम्मीद जगी है।