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जिले की सात सीएचसी आयुष्मान में सूचीबद्ध

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गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें इसके लिए सरकार की आयुष्मान योजना चल रही है। जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध कर दिया गया है। इससे इन अस्पतालों में भी मरीजों को आयुष्मान कार्ड पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
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आयुष्मान योजना में जनपद के लोहिया महिला व पुरुष अस्पताल के अलावा लिंजीगंज सिविल अस्पताल में ही सेवाएं दी जा रही हैं। अब जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध कर दिया गया है। अब इनमें भी गोल्डन कार्ड धारकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
मोहम्मदाबाद व राजेपुर सीएचसी को कुछ माह पहले ही शासन से अनुमोदन मिल गया था। इसके बाद अब कमालगंज, बरौन, शमसाबाद, नवाबगंज व कायमगंज सीएचसी को भी शासन से अनुमोदन मिलने के साथ इन्हें आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध कर दिया गया है। हालांकि कंपिल सीएचसी अभी इसमें शामिल नहीं की गई।
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इनमें आयुष्मान योजना का अलग कक्ष होने के साथ आयुष्मान मित्र की तैनाती होगी। इसके साथ ही कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, क्यूआर कोड स्कैनर, बायोमीट्रिक मशीन, आई स्कैनर आदि लगाया जाएगा। राज्य सरकार से इसके लिए करीब 80 हजार रुपये प्रति सीएचसी के हिसाब से धनराशि दी जाती है। आयुष्मान के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर डा.अमित मिश्रा ने बताया कि आयुष्मान किट मिलते ही सभी अस्पतालों में सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
सीएचसी में महिला डाक्टर नहीं, कैसे मिलेंगी सेवाएं
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं ने जिले की सात सीएचसी भले ही आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध कर ली गई हैं लेकिन लिंजीगंज सिविल अस्पताल, सीएचसी बरौन, मोहम्मदाबाद में महिला डाक्टर की तैनाती ही नहीं है।
वहीं नवाबगंज सीएचसी पर तैनाती के बावजूद डा.कल्पना राजपूत कई माह से ड्यूटी ही नहीं कर रही हैं। गरीबों को गोल्डन कार्ड पर प्रसव या अन्य महिलाओं संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिल पाएंगी, यह जिम्मेदारों के सामने सवाल है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डा.चंद्रशेखर ने बताया कि सभी सीएचसी पर प्रशिक्षित नर्स स्टाफ है। उन्हें स्किल बर्थ अटेंडेंट ट्रेनिंग दी जाती है। जो प्रसव कराने के लिए शासन से भी मान्य है। डाक्टरों की कमी के चलते सीएचसी पर महिला डाक्टरों की तैनाती नहीं है। आयुष्मान आईटी किट के लिए शासन को मांगपत्र भेजा गया है।
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