फर्रुखाबाद। गंगा में मछलियों का शिकार करने से रोकने पर गुस्साए दबंगों ने आश्रम में घुसकर सेवादार को लहूलुहान कर दिया। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा, मगर प्रधान की सिफारिश पर छोड़ दिया।
देर रात घायल का डाक्टरी परीक्षण कराकर एनसीआर दर्ज कर ली गई। पुलिस की कार्यप्रणाली से संतों और श्रद्धालुओं में गुस्सा है।
शाहजहांपुर जिले के कांठ थाने के गांव हरीपुर निवासी सूरज (21) पुत्र ओमपाल पांचालघाट उत्तरी बांध स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम में गायों की सेवा करता है।
रविवार को दिन में कुछ युवक आश्रम के सामने गंगा में मछली मार रहे थे। वहीं शराब के गिलास भी पड़े थे। सूरज ने देखा, तो युवकों को वहां से भगा दिया।
सोमवार रात करीब आठ बजे तीन युवक आश्रम की गोशाला पहुंचे। उस समय सूरज गाय का दूध निकाल रहा था। मौनी बाबा के आने का समय हुआ, तो सूरज ने शराब के नशे में होने की बात कहकर युवकों को बाहर जाने को कहा।
इस पर उन्होंने गालीगलौज कर हमला बोल दिया। एक दबंग ने सूरज के सिर में ईंट मार दी। सूचना मिलते ही चौकी पुलिस पहुंची और एक युवक को हिरासत में ले लिया।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने शीशराम की मड़ैया निवासी मिहीलाल के पुत्र के नाम एनसीआर दर्ज कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। सूचना मिलते ही एक प्रधान ने चौकी पहुंचकर हिरासत में लिए युवक को छुड़वा लिया।
घटना को लेकर संतों और श्रद्धालुओं में आक्रोश देख पुलिस ने रात में ही घायल का डाक्टरी परीक्षण कराया। पांचालघाट चौकी प्रभारी बलराज भाटी ने बताया, डाक्टरी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मछली मारने वालों पर अंकुश लगाएंगे।