फर्रुखाबाद। शहर के पांचालघाट स्थित एक घर के परिसर में अधिकारियों ने पांच मई को 25 लाख की नकली कीटनाशक बरामद होने के बाद बिना अनुमति कीटनाशक बेचने में विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया। अब किसी भी कंपनी की कीटनाशक बेचते पाए जाने पर विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने सातनपुर मंडी रोड स्थित किसान एजेंसीज के मालिक शिवम अग्रवाल का कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस निरस्त कर दिया। उन्होंने बताया कि यूपीएल कंपनी के संदिग्ध बीज शोधक रसायन इलेक्ट्रान का स्टाॅक पाया गया था। जबकि किसान एजेंसीज के पास यूपीएल कंपनी का कीटनाशक बेचने की अनुमति भी नहीं है। कीटनाशक बरामद होने के मामले में लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। इस संबंध में भेजे गए नोटिस का संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला और यूपीएल कंपनी का कीटनाशक बेचने के लिए कंपनी का कोई अनुमति पत्र भी नहीं मिला। इस पर उन्होंने किसान एजेंसीज का लाइसेंस निरस्त कर दिया। अब यदि कीटनाशक की बिक्री होते पाई गई तो विक्रेता के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। विदित है कि पांच कई को पांचाल घाट स्थित एक घर के परिसर से यूपीएल कंपनी के इलेक्ट्रॉन इनसेक्टीसाइड प्लस फंगी साइड के 25 लाख रुपये कीमत के 252 गत्ते बरामद किए थे। यह कीटनाशक नकली बताई गई। अधिकारियों ने नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। दूसरी ओर किसान एजेंसी संचालक शिवम अग्रवाल ने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री तक शिकायत भेजी थी।