शमसाबाद। थानाक्षेत्र के गांव पाती नगला में शनिवार को बरामदे में झूला झूल रहे पुत्र के गले में फंदा लगा देख महिला ने बाढ़ के गहरे पानी में छलांग लगा दी। यह देख ग्रामीणों ने महिला को पानी से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने महिला और बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया जहां दोनों की हालत ठीक है।
पाती नगला निवासी मुनेश सिंह का पुत्र सचिन (8) कक्षा चार में पढ़ता है। सचिन बरामदे में झूला झूल रहा था। इस दौरान झूला की रस्सी का फंदा उसके गले में फंस गया जिससे वह बेहोश हो गया। मां सरला देवी पुत्र को मरा समझ आपा खो बैठी। उसने घर के पास ही बाढ़ के गहरे पानी में छलांग लगा दी। यह देख ग्रामीणों ने सरला को बाहर निकाला। सरला ने घटना बताई तो ग्रामीण उसके घर पहुंचे और फंदे से सचिन को निकाला।
प्रधान देवेंद्र यादव ने बताया कि सचिन के फंदा पड़ने से वह बेहोश हो गया था। सरला देवी ने समझा की पुत्र की मौत हो गई तो वह गंगा नदी में कूद गईं। फिलहाल मां-बेटे की हालत ठीक है।