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Farrukhabad News: बिल जमा होने के एक साल बाद भी नहीं जोड़ा विद्यालय में कनेक्शन

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फोटो-33,,, 4 अक्तूबर को अमर उजाला में प्रका​शित खबर। संवाद
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फर्रुखाबाद। बिजली विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही और उजागर हुई है। शिक्षा निदेशालय के वित्त नियंत्रक ने 28 अगस्त 2025 को ही संशोधित बिल 1,60,491 रुपये भुगतान कर दिया था। इसके बाद भी विद्यालय का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया। अब अधिशासी अभियंता जल्द ही विद्यालय में बिजली चालू कराने की बात कह रहे हैं पर अवर अभियंता का अपना ही राग है। वह प्रधानाध्यापक पर नया कनेक्शन लेने का दबाव बना रहे हैं।
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राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहार वर्ष 2014 में बना था। उसके बाद से अभी तक वहां बिजली कनेक्शन नहीं हो सका है। जबकि बिजली विभाग के कागजों में कनेक्शन जारी होने के साथ 2022 में बिल भी 12,61,502 रुपये हो गया था। इस बिल पर आपत्ति के साथ कनेक्शन चालू कराने के लिए वहां के प्रधानाचार्य लगातार पत्राचार करते बिजली विभाग को पत्राचार कराने के साथ अधिशासी अभियंता ग्रामीण से मिलते भी रहे पर किसी जिम्मेदार ने इस मामले की जांच कराकर वहां बिजली चालू कराने की जहमत नहीं उठाई थी।
अमर उजाला के चार अक्तूबर के अंक में संवाद न्यूज एजेंसी ने कागजों पर बिजली, 12 साल में बिल 12 लाख शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की तो जिम्मेदार जाग गए और कागज खंगालने शुरू किए। तब पता चला शिक्षा निदेशालय प्रयागराज के वित्त नियंत्रक मदन लाल तो भुगतान कर चुके हैं। प्रयागराज से भी इस संदर्भ में पत्र डीआईओएस कार्यालय पहुंचा और वहां से प्रधानाध्यापक के पास पहुंच गया। साथ ही बिजली अधिकारी भी सक्रिय हो गए उन्होंने अपने कागज देखने के बाद जेई को विद्यालय भेज दिया।
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नीबकरोरी उपकेंद्र के जेई शशिकांत विद्यालय पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के साथ प्रधानाध्यापक से बात कर उन्हें एसडीओ अरुण कुमार गुप्ता से मिलने के लिए कहा। प्रधानाध्यापक से कहा कि आपने अभी तक कनेक्शन जुड़वाया क्यों नहीं। इस पर प्रधानाध्यापक ने कहा कि कनेक्शन जोड़ना बिजली विभाग का काम है। इसके बाद वह वहां से चले गए। इस संदर्भ में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि जो बिल बकाया था। वह जमा हो गया है। जल्द ही विद्यालय में बिजली चालू करा दी जाएगी।


अब जरा जेई की बात भी समझो
जेई शशिकांत से जब इस संदर्भ में बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह मौके पर गए थे। जांच में पता चला है कि जो कनेक्शन पहले दिया गया था वह पीडी हो चुका है। इसलिए प्रधानाध्यापक से नया कनेक्शन लेने के लिए आवेदन करने के लिए कहा है। उनसे पूछा कब पीडी हुआ तो बताया कि 2022 में। फिर पूछा जब 2022 पीडी हो गया तो दो-दो बार बिल कैसे संशोधित हुआ तो बोले फोर्स पीडी हुआ था। पूछा कि यह जानकारी देने में आपको चार वर्ष लग गए। पहले बता देते तो विद्यालय में नए कनेक्शन से बिजली तो पहुंच जाती।

पत्राचार करते-करते फाइल का वजन हो गया एक किलो
वर्ष 2014 से कनेक्शन के लिए आवेदन से लेकर अभी तक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों ने पत्राचार किया है। उस फाइल का वजन लगभग एक किलो हो गया है। तब बिजली विभाग के जिम्मेदारों की नींद टूट सकी है। प्रधानाध्यापक हर्ष कुमार का कहना है कि उनके पास नए कनेक्शन के लिए धन नहीं है। बिजली विभाग को पुराना कनेक्शन चालू करना पड़ेगा। एक वर्ष पूर्व ही वित्त नियंत्रक भुगतान कर चुके हैं।
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