ग्रामीणों को समझाते खंड विकास अधिकारी शिवप्रकाश।
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कोटा चयन की खुली बैठक में विवाद होने से बैठक निरस्त कर दी गई। दो दावेदारों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ता देख सूचना पुलिस और अधिकारियों को दी गई। इस पर पहुंचे बीडीओ की गाड़ी को गुस्साए ग्रामीणों ने घेर लिया। एक पक्ष ने अधिकारियों पर प्रधान पक्ष का समर्थन करने का आरोप लगाया।
सोमवार को क्षेत्र के गांव खेरे नगला के प्राथमिक विद्यालय में कोटा चयन को लेकर खुली बैठक आयोजित की गई थी। कतरौली पट्टी निवासी दावेदार सोनेलाल के समर्थक और दूसरी तरफ प्रधान रक्षपाल के भाई विनोद के समर्थकों की कोटा चयन के लिए लाइन लगवाई गई।
आरोप है कि सोनेलाल समर्थकों की लंबी लाइन को देख उनके विपक्षियों ने हंगामा शुरू कर दिया। यह देख ग्राम पंचायत सचिव अवधेश बाथम मौके से खिसक लिए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। फोर्स के साथ पहुंचे दरोगा ज्ञानचंद्र बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। कुछ ही देर बाद खंड विकास अधिकारी शिवप्रकाश मौके पर पहुंचे।
उन्होंने निष्पक्ष कोटा चयन की बात कह लोगों को शांत कराया। मगर बीडीओ चयन स्थल की जगह विनोद के समर्थक के पास जाकर बैठ गए। इस पर सोनेलाल के समर्थक खंड विकास अधिकारी पर विपक्षी का समर्थन करने का आरोप लगाने लगे। यह माहौल देख खंड विकास अधिकारी वापस जाने लगे तो एक पक्ष के समर्थकों ने उनकी गाड़ी घेर ली।
बीडीओ के निष्पक्ष कोटा चयन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने उन्हें जाने दिया। इस मौके पर कतरौली पट्टी, टड़ा नगला, खेरे नगला, पछा नगला के ग्रामीण मौजूद रहे। उधर, खंड विकास अधिकारी शिवप्रकाश ने बताया कि किसी के पक्ष और विपक्ष से कोई मतलब नहीं है। कोटा चयन पारदर्शिता के आधार पर होगा। हंगामे को देखते हुए बैठक निरस्त कर दी गई।