फर्रुखाबाद। विशेष अदालत पॉक्सो कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश प्रेम शंकर ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में दो आरोपियों को दोषी पाकर बीस साल की सजा सुनाई है। 50-50 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा आरोपियों को भुगतनी होगी।
एटा जिले के थाना राजा का रामपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण के खेत कंपिल थाना क्षेत्र में हैं। ग्रामीण की 14 वर्षीय पुत्री 3 अप्रैल 2015 को खेत में शौच को गई थी। वहां कंपिल थाना क्षेत्र के गांव खेतलपुर सौरिया निवासी उपेंद्र कुमार उर्फ चंदू व गांव कटिया निवासी जाकिर खां मिले। दोनों आरोपी किशोरी को बाइक से ले गए। पुत्री के घर न लौटने पर पिता ने खोजबीन की, तब पता चला कि आरोपी उसे ले गए हैं। पिता ने दोनों के खिलाफ कंपिल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। दो दिन बाद पुलिस ने बाइक से किशोरी को ले जाते दोनों युवकों को घेर लिया। आरोपी उपेंद्र को पुलिस ने पकड़ लिया और जाकिर खां भाग गया था। मेडिकल परीक्षण में किशोरी के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। विवेचक ने जांच कर अदालत में दोनों आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। पीड़िता ने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि वह खेत पर शौच करने गई थी। उसी दौरान दोनों आरोपी महंगा मोबाइल दिलाने के बहाने अपने साथ ले गए। वे उसे एक दुकान में ले गए और वहां उसका मुंह बंद कर दिया। शोर मचाने पर मां और पिता की हत्या की धमकी देकर दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दो दिन दुकान में रखने बाद कायमगंज रोड पर सुबह बाइक से छोड़ गए। कुछ देर बाद आए और घर छोड़ने की बात कहकर बाइक पर फिर बैठा लिया। कुछ दूर चलने पर पुलिस ने पकड़ लिया। तब एक आरोपी जाकिर भाग गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने दलीलें पेश कीं। इसके बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को बहला कर ले जाने, सामूहिक दुष्कर्म करने और पॉक्सो एक्ट में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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पीड़िता के लिए निर्धारित होगी क्षतिपूर्ति
विशेष न्यायाधीश ने अपने निर्णय में पीड़िता के लिए क्षतिपूर्ति निर्धारित करने की जिम्मेदारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी है। क्षतिपूर्ति की निर्धारित धनराशि डीएम प्रतिकर निधि या अन्य प्रतिकर व पुनर्वास के प्रयोजन के लिए स्थापित स्कीम, निधि से एक माह में भुगतान करेंगे। अगर ऐसी कोई स्कीम नहीं चल रही है तो क्षतिपूर्ति की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी।