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अंतिम शाही स्नान को उमड़ रहे साधु-संत

Sat, 31 Jan 2015 11:24 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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भगवान शंकर की कृपा और गंगा की अविरल धारा के लिए साधु-संत विगत एक माह से आराधना में तल्लीन हैं। वहीं वैष्णव संत  हरि के नाम के कीर्तन से क्षेत्र को गुंजायमान कर रहे हैं। क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चन, कथा-भागवत व भंडारों में कल्पवासी और स्नानार्थी रात-दिन लगे हैं। हर कोई अपने मन में आस लिए है कि उन पर ईश्वर कृपा होगी। संतों का कहना है कि
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गंगा स्नान से मोक्ष और दर्शन मात्र से सब प्रकार से मंगल हो जाता है। माघ मास की पूर्णिमा को मात्र अब तीन दिन ही शेष हैं। अंतिम शाही स्नान को लेकर बड़े-बड़े संतों आना यहां शुरू हो गया है। प्रशासन भी इनकी सुरक्षा के लिए चौकन्ना हो गया है। वहीं प्रशासनिक क्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। शुक्रवार रात हुए कवि सम्मेलन में हास्य, ओज और वीर रस की रचनाएं सुन श्रोता अपने-अपने रसों में डूबे रहे। यहीं निशक्तजनों के लिए लगे कैंप में सरकारी योजनाओं की जानकारियां दी गईं। वहीं मेला क्षेत्र में शनिवार को देर रात तक लोग खरीददारी में मशगूल रहे।

शिविर लगाकर दी जानकारी
सांस्कृतिक पांडाल में रिप्स निर्धन विकलांग सेवा शिक्षण संस्थान की ओर से विकलांग जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विकलांग, वृद्धावस्था पेंशन के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। रेल व बस पास और शादी अनुदान आदि योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
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बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक महरम सिंह ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक धीरेंद्र सिंह फौजी, सभासद रमला राठौर, डा. संतोष प्रजापति, सुरेंद्र सिंह, सरोज राठौर, जगवीर सिंह, धनीराम यादव, राजेंद्र सिंह, राजवती, चंद्रकांता, पृथ्वीराज, पवन कुमार, कमलेश कुमार और विपिन पाठक आदि मौजूद रहे।
 
किसके लहू में दम है कश्मीर हमसे छीने...
सांस्कृतिक पांडाल में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आगरा से आए रामेंद्र त्रिपाठी ने किया। हैदरगढ़ से पधारे प्रलयंकर ने धर्म तो सनातन है और कोई धर्म नहीं, यही एक शाश्वत महान देख लीजिये, उंगली के पोर-पोर पे निगाह डालिये शंख और चक्र के निशान देख लीजिए रचना सुनाई। लखीमपुर से आए फारुख सरल ने काव्य पाठ किया, झेलम नदी का पावन कोई नीर हमसे छीने धरती पे

स्वर्ग जैसी तकदीर हमसे छीने, केशर की क्यारियों की जागीर हमसे छीने किसके लहू में दम है कश्मीर हमसे छीने। इसके अलावा रायबरेली से आए हास्य कवि नरकंकाल, सीतापुर से आए रजनीश मिश्र, झांसी से आए देवेंद्र नटखट, दिल्ली से आए नौशा गाजी और अमेठी से आए अंसार हाशमी ने रचनाएं सुनाईं। इस अवसर पर डा. निराला राही, सुनील वर्मा, सदीप दीक्षित, पूर्व विधायक महरम सिंह, सुरेंद्र सिंह, उर्मिला दीक्षित और चंद्रपाल यादव आदि मौजूद रहे।

नहीं मिल रही योजनाओं की जानकारी
प्रशासन की ओर से रामनगरिया क्षेत्र में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टाल लगाए गए थे। इन स्टालों पर सरकारी कर्मचारियोें की नियुक्ति भी की गई।  यहां तैनात कर्मचारी स्टालों को छोड़कर गायब रहते हैं। यह पांडाल दिन में सूने पड़े दिखाई दिए।

कार चोरी, फिर मिली
मेला क्षेत्र में वाहनों की सुरक्षा के लिए सरकारी कर्मचारी लगाए गए थे लेकिन इन्होंने स्वयं ड्यूटी करने के स्थान पर प्राइवेट लोगों को तैनात कर दिया है। पिछले दिनों अधिक वसूली की भी शिकायत आई थी। इस पर मेला प्रभारी ने कर्मचारियों की जमकर फटकार लगाई थी।

शनिवार को एक परिवार कार से मेला आया। कार स्टैंड पर खड़ी कर दी। जब परिवार लौटा तो कार गायब थी। कर्मचारियों के गोलमोल जवाब पर हाथापाई हो गई।  मामला बिगड़ता देख यह सूचना मेला कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने पर बताया गया कि कार अन्यत्र खड़ी है। जब लोग वहां पहुंचे तो कार मिल गई।  

उमड़ी मरीजों की भीड़
रामनगरिया में स्थित अस्पताल में फार्मासिस्ट विपिन कुमार खुद बीमार हो गए। चिकित्सक डा. निरंजन ने फार्मासिस्ट का इलाज किया। हालत गंभीर देख उन्होंने उसे लोहिया अस्पताल के लिए रिफर कर दिया। इस दौरान अस्पताल में रोजाना मरीजों की संख्या उमड़ रही है। शनिवार को 141 मरीजों को दवा दी गई।

एनएसएस कैंप लगा
भारतीय महाविद्यालय की ओर से सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना कैंप लगाया गया है। प्राचार्य डा. विश्राम सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कालेज के छात्र रामनगरिया क्षेत्र में आने वाले लोगों की मदद के साथ उन्हें शैक्षणिक ज्ञान भी दे रहे हैं और शिक्षा के प्रति प्रेरित भी कर रहे हैं।
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