फर्रुखाबाद। पांचाल घाट ऋषि आश्रम पर संत का कमरे में फर्श पर लहूलुहान शव पड़ा मिला। सिर, कान से खून निकल रहा था और कई दांत टूटे पड़े थे। परिजनों ने करीब पौने दो लाख रुपये गायब होने और हत्या का आरोप लगाया। इसमें एक महिला व कुछ अन्य लोगों पर शक जाहिर किया है।
सीओ सिटी ने जांच की। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया बीमारी से मौत का अंदेशा जताया है।
मैनपुरी थाना कुरावली के गांव कूकामई निवासी राघवेंद्र चतुर्वेदी (50) कादरीगेट थाने के पांचाल घाट स्थित ऋषि आश्रम में एक कमरे में रहते थे। उन्होंने शादी नहीं की थी। वह आश्रम में करीब 40 साल से रह रहे संत दिव्यानंद सरस्वती महाराज की सेवा में लगे रहते थे। दिसंबर में स्वामीजी की मृत्यु के बाद वह स्थाई रूप से उन्हीं की कुटिया में रहने लगे।
दूसरे कमरे में दिव्यानंद महाराज की शिष्या रहती थी। रविवार सुबह आरती, प्रसाद वितरण के बाद चाय पीने के लिए राघवेंद्र आश्रम के महंत रामानंद सरस्वती के पास नहीं पहुंचे, तो उन्होंने एक शिष्य कोे देखने भेजा। कमरे के दरवाजे खुले थे। आवाज देकर अंदर देखा, तो उनका शव तख्त के नीचे फर्श पर पड़ा था। सिर, कान से खून निकल रहा था और कई दांत टूटे पड़े थे।
सूचना मिलते ही पांचाल घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष आमोद कुमार सिंह ने भी जांच पड़ताल की। कुछ ही देर में पहुंची फाेरेंसिक टीम ने नमूने लिए। जांच करने पहुंची सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि राघवेंद्र का शव मिला है। कोई चोटों के निशान नहीं दिखे। उनकी तबियत खराब बताई जा रही है। दवाएं भी मिली हैं। परिजनों ने फिलहाल कोई तहरीर नहीं दी है। सामान लेकर गई महिला की जानकारी की जा रही है। मोबाइल डिटेल भी निकाली जाएगी। रुपये गायब होने की भी जानकारी की जाएगी।
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महिला व कुछ अन्य लोग दे रहे थे धमकी
दोपहर में मौके पर पहुंचे भाई अनुपम चतुर्वेदी ने बताया कि स्वामी दिव्यानंद सरस्वती महाराज उनके चाचा थे। भाई राघवेंद्र ने शादी नहीं की थी। लिहाजा वह उनके शिष्य बन गए थे। वही सेवा करते थे। दिसंबर में उनकी मृत्यु के बाद वह नियमित यहीं रहने लगे। गांव में अपनी जमीन के करीब सवा लाख रुपये के आलू बेचकर रुपये लाए थे। यही नहीं उनके भाई श्याम सिंह ने 42 हजार रुपये दिव्यानंद सरस्वती की समाधि बनवाने के लिए दिए थे। वह भी उनके पास थे। दांत टूटे, सिर में चोट और कान भी कटा है। उन्होंने हत्या करने का आरोप लगाया है।
बॉडी बैग उपलब्ध न करवा सकी पुलिस कादरीगेट थाना पुलिस ने शव को बॉडी बैग में सील करने की बजाय आश्रम से ही एक कंबल लेकर रखा। इसके बाद शव को उसी में सील करके पोस्टमार्टम के लिए ले गए। जबकि शासन के निर्देश हैं कि सभी शवों को बॉडी बैग में ही सील किया जाएगा।