संवाद न्यूज एजेंसी
शमसाबाद। ढाईघाट पर इस बार मेला नहीं लगेगा तो एसडीएम ने साधुओं को वहां कल्पवास करने से रोक दिया। इस पर साधु भड़क गए। एसडीएम ने समझाया लेकिन साधु नहीं माने। एसडीएम के लौटने पर बैठक कर रोकने पर लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से शिकायत करने का निर्णय लिया।
गंगा तट पर हर साल की तरह कल्पवास करने को साधु-संतों के साथ आसपास के लोग पहुंचने लगे हैं। राउटी पड़ने पर एसडीएम ने गुरुवार को ढाईघाट पहुंच कर कल्पवास करने से रोक दिया। इससे साधु-संत खफा हो गए और वहीं पर कल्पवास करने को अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि अगर ढाईघाट पर मेला नहीं लगा तो वह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे।
एक महीने के कल्पवास के लिए ढाईघाट पर भी हर साल मेला लगता था। ढाईघाट गंगा के दोनों तट पर है। एक तट शमशाबाद (फर्रुखाबाद) और दूसरा शाहजहांपुर जिले में है। ढाईघाट मेले की व्यवस्था शाहजहांपुर जिला प्रशासन देखता था। इस बार शाहजहांपुर जिला प्रशासन मेला नहीं लगवा रहा है लेकिन शमसाबाद ढाईघाट पर कल्पवास के लिए साधु पहुंच गए हैं। सूचना पर गुरुवार को एसडीएम सुनील कुमार, सीओ राजवीर सिंह और तहसीलदार प्रदीप कुमार के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने साधुओं से कहा कि यहां मेला नहीं लगेगा, पांचालघाट पर कल्पवास करें। इस पर साधु नाराज हो गए, वह ढाईघाट पर ही कल्पवास करने को अड़ गए। इस पर एसडीएम लौट गए। बाद में साधु संतों ने बैठक की। इसमें तय किया कि कल्पवास की अनुमति न मिलने पर लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। बैठक में मौनी बाबा, रामदास बाबा, भीमदास बाबा, मंगलदास, नरेश मुनि, कालिका नंद, नारायण नंद आदि मौजूद रहे। एसडीएम सुनील कुमार ने कहा कि ढाईघाट पर इस बार मेला न होने से साधुओं से पांचालघाट पर कल्पवास का आग्रह किया गया है। यहां उन्हें सुविधाएं मिल सकेंगी।
रामनगरिया के लिए 104 दुकानों की बुकिंग
फर्रुखाबाद।28 जनवरी से पांचालघाट पर होने वाले मेला रामनगरिया के लिए गुरुवार को 104 दुकानों की बुकिंग हुई। बुकिंग कराने के लिए सुबह से भीड़ पहुंचने लगी थी। भीड़ अधिक होने पर पुलिस बुलानी पड़ी। मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित ने बताया कि करीब एक हजार साधु और कल्पवासियों ने राउटी डाल ली है। अस्थाई शौचालय बनाए जा रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए वॉटरप्रूप पंडाल के लिए आगरा से सामान आ गया है। (संवाद)