जिले भर की तहसीलों में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान
कायमगंज में डीएम और एसपी ने फरियादें सुनीं। यहां 251 फरियादियों ने अपना
दर्द बयान किया। 9 को मौके पर राहत मिली। सदर में तहसील दिवस के दौरान
पहुंचे विजाधरपुर के ग्रामीणों ने प्रधान पर गलत तरीके से पट्टे करने का
आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। यहां 75
प्रार्थना पत्र आए। इनमें से 12 का
निस्तारण किया गया। उधर, अमृतपुर तहसील में पांच अफसरों के न आने पर अपर
जिलाधिकारी ने इनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। यहां 31 प्रार्थना
पत्रों में से किसी भी फरियादी को मौके पर न्याय नहीं मिला। मंगलवार को
कायमगंज तहसील में डीएम एसके सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस हुआ। यहां
अखिल भारत
हिंदू महासभा ने तहसील क्षेत्र में हाई कोर्ट के आदेश से सील की
गई आरा मशीनों के दोबारा से संचालन की शिकायत की। डीएम ने डीएफओ डीके
श्रीवास्तव और एसडीएम बीडी वर्मा को ऐसी मशीनों को तत्काल उखाड़ने को कहा।
इस पर दोनों अधिकारी तुरंत रवाना हो गए। नगर के कन्या विद्या पीठ इंटर
कालेज की अध्यापिका नीता कटियार, किरन कटियार,
कर्मचारी मालती, रामनिवास,
संतोष ने प्रधानाध्यापिका ऊषा अग्निहोत्री पर मनमानी और विवाद करने का आरोप
लगाया। मोहल्ला छपट्टी निवासी श्रीदेवी पत्नी राजकुमार ने घर के सामने
पड़ोसी राजेंद्र कुमार के खिलाफ शौचालय बनाकर गंदगी फैलाने की शिकायत की।
डीएम ने ईओ पीके श्रीवास्तव को एसएसआई हरिश्चंद्र के साथ भेज कर तत्काल
शौचालय ध्वस्त कराने के निर्देश दिए।
बार एसोसिएशन के सतेंद्र सिंह
गंगवार ने डीएम को ज्ञापन देकर संकिसा बसंतपुर तहसील का निर्माण रुकवाने की
मांग की। मुडौल ग्राम पंचायत के हाल ही
में बर्खास्त प्रधान के स्थान पर तीन सदस्यीय टीम डीएम ने गठित की है। इसको
लेकर ग्रामीणों ने बताया कि टीम में प्रधान की जेठानी को शामिल किया गया
है। इससे गांव का विकास और प्रधान के
खिलाफ चल रही जांच निष्पक्ष हो पाने
को लेकर संदेह है। डीएम ने उन्हें जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया। डीएम ने
सभी विभागों के अधिकारियों को तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों का एक
सप्ताह के अंदर पारदर्शिता के साथ समाधान करने के निर्देश दिए।
उधर, सदर तहसील में तहसीलदार आरपी चौधरी की
अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। यहां ग्राम सभा विजाधरपुर के
ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए प्रधान नीलम के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
आरोप लगाया कि प्रधान अफसरों और कर्मचारियों से सांठगांठ कर ग्राम पंचायत
की कीमती जमीन के अवैध पट्टे करने का प्रयास कर रही हैं।
प्रधान पर गंभीर
आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
तहसीलदार ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। प्रदर्शन करने वालों में
विजय यादव, सचिन यादव, छोट सिंह, गुड्डू, मालती, सुमन, दीपा देवी, रामदेवी,
रजत, दिवारीलाल, राधा, गुड्डी, रामबाबू, सुषमा देवी और रामवती आदि मौजूद
रहीं।
खिमसेपुर के संतोष बहेलिया, सरनाम बहेलिया, राकेश, विनोद कुमार,
राजेंद्र, गोविंद और सुंदरलाल आदि ने पुत्री की शादी के लिए अनुदान दिलाने
की मांग की। 75 फरियादियों में से 12 को ही मौके पर राहत मिल सकी। इस अवसर
पर पीओ डूडा अतुल यादव, सहायक अभियंता फरहत अली और डूडा के वरिष्ठ लिपिक
नसीम जावरी आदि मौजूद रहे।
उधर, अमृतपुर तहसील में अपर जिलाधिकारी मनोज
सिंघल ने समस्याएं सुनीं। यहां मत्स्य विभाग के अधिकारी एके शुक्ल, आलू
शाकभाजी के सहायक निरीक्षक विनय तिवारी, सहकारी समिति के एडीओ लालजी,
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डा. ओमप्रकाश कश्यप और
नलकूप विभाग के सहायक अभियंता रूप किशोर के गैरहाजिर मिलने पर
एडीएम ने
इनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में सर्वेश
कुमार निवासी गौटिया ने नाली से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की। रघुवीर सिंह
निवासी कुइंया ने पट्टा की पैमाइश, जोगराज सिंह निवासी जैनापुर महेशपुर ने
हैंडपंप ठीक कराने, सुआलाल निवासी भरखा ने बगैर बिजली के बिल भेजे जाने की
शिकायत की। इस अवसर पर
एसडीएम प्रेमनाथ, तहसीलदार शेख आलम गिरि, सीओ
अमृतपुर कालूराम दोहरे, नायब तहसीलदार अनिल तिवारी, समाज कल्याण विभाग के
एडीओ विपिन अवस्थी, जेई सुधीर कुमार और एबीआरसी विश्राम सिंह आदि मौजूद
रहे।