जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण
किया। इन्हें प्राइमरी विद्यालय बरौन में बने अतिरिक्त कमरों की हालत
खस्ता मिली। एक विद्यालय में छात्र संख्या कम मिलने के कारण उन्होंने भवन
प्रभारी का वेतन और प्रधानाध्यापिका की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है।
बीएसए
ने मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरौन का निरीक्षण किया। यहां 191
में से 116 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय में पेंट से पट्टी नहीं कराई गई
थी। बीएसए ने पट्टी कराने के प्रधानाध्यापिका को निर्देश दिए। इसके बाद
प्राथमिक विद्यालय बरौन के निरीक्षण में 116 में से 65 बच्चे उपस्थित मिले।
यहां वर्ष 2011-12 में दो अतिरिक्त कमरों का निर्माण शिक्षक गंगेश
शुक्ला
ने कराया था। दोनों कमरों के बीम चटके मिले। बीएसए ने ब्लाक समन्वयक
निर्माण को दोनों कमरों की जांच करने के आदेश दिए हैं। विद्यालय में टीचर
की कमी होने के कारण बीएसए ने जूनियर स्कूल से एक टीचर और एक अनुदेशक को
प्राइमरी स्कूल में शिक्षण कार्य कराने के लिए लगा दिया। मैदान के आसपास
घास और शौचालय गंदे मिलने पर सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।
प्राथमिक
विद्यालय शुकरुल्लापुर शमसाबाद का निरीक्षण करने पहुंचे बीएसए को स्कूल में
111 में से 30 बच्चे उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका बीना पाठक, टीचर सचिन
अवस्थी एक स्थान पर बैठी हुई थी। बच्चों की उपस्थिति शून्य होने और शिक्षण
कार्य में रुचि न लिए जाने के मामले में बीएसए ने प्रधानाध्यापिका बीना
पाठक की एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया है।
प्राथमिक विद्यालय मंझना
शमसाबाद के निरीक्षण में बीएसए को रंगाई पुताई नहीं मिली। शौचालय गंदे थे।
शिक्षिका प्रीति मिश्रा अनुपस्थित थीं। बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को
चेतावनी देते हुए शौचालय और मैदान की सफाई कराने का आदेश दिया। अनुपस्थित
शिक्षिका प्रीति मिश्रा का एक दिन का वेतन काटने का आदेश बीईओ को दिया है।