कायमगंज। च्योलारा और उलियापुर के ग्रामीण अंधेरे में जिंदगी बिताने को मजबूर हैं। गांव के बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय तक बिजली विभाग ने विद्युतीकरण तो किया लेकिन गांव में न तो पोल लगे और न ही तार खींचे गए। ग्रामीणों ने स्कूल के पास लगे ट्रांसफार्मर से कटिया डालकर मोबाइल चार्ज करने का रास्ता बना लिया है। बिजली के अभाव में अधिकतर ग्रामीणों को शादी में मिले टीवी, फ्रिज शोपीस बने रखे हैं। गांव से मात्र 500 मीटर की दूरी पर नगर को रोशन करने वाला लुधैया पावर हाउस स्थित है लेकिन पास के गांव में बिजली ने मिलने से ग्रामीणों में रोष है।
नवाबगंज विकास खंड की ग्राम सभा इजौर का विद्युतीकरण हो चुका है, जबकि गांव से 100 मीटर की दूरी पर स्थित च्योलारा और उलियापुर में विद्युतीकरण नहीं हुआ है। गांव के बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय तक विभाग द्वारा 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगाकर स्कूल को बिजली दी है। बिजली के अभाव में ग्रामीणों ने स्कूल में लगे ट्रांसफार्मर में कनेक्शन कर अपने मोबाइल चार्ज करने का जरिया बनाते हुए लंबे तार खींच कर अपने घरों में पहुंचा लिए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई घरों में बच्चों की शादी में मिले टीवी, फ्रिज आदि उपकरण बिजली के अभाव में शोपीस बने रखे हैं।
ग्रामीण कई बार बिजली विभाग के अफसरों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गांव में विद्युतीकरण कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन किसी के भी कानों पर जूं नहीं रेंगी। चुनाव में वोट मांगने आने वाले नेता गांव में विद्युतीकरण कराने का दावा करते है, जीतने के बाद लौट कर नहीं आते।
गांव के बच्चे आज भी केरोसिन से लैंप जलाकर पढ़ाई करते हैं।
गांव में 4000 की आबादी और 1300 मतदाता हैं। गांव में मात्र पांच हैंडपंप ही लगाए गए हैं। नालियों की सफाई त्यौहार पर सफाई कर्मियों को मिठाई व खाना देकर करानी पड़ती है। गांव में कभी भी सफाईकर्मी नहीं आया।