फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद के अफसरों की लापरवाही से जख्मी सड़कें जनता को दर्द दे रही हैं। लीकेज और पानी के कनेक्शन के लिए नई बनीं गलियां खोदने के बाद उनकी मरम्मत नहीं की जाती। वहीं, विभाग उपभोक्ताओं से सड़क की मरम्मत के नाम पर रसीद काटता है। गलियों में हो रहे गड्ढे शहरी जनता के लिए मुसीबत बन गए हैं।
नगर पालिका ने पिछले दो सालों में शहर की तमाम गलियों की सड़कों पर नई इंटरलॉकिंग बिछाई। कई गलियां बनने के चंद दिनों में ही उसके नीचे पड़ीं पाइप लाइनें अथवा घरों को दिए गए कनेक्शन लीकेज हो गए। ऐसे में विभाग ने इनकी मरम्मत के लिए गड्ढे खुदवाए। मगर इन गड्ढों की सही से मरम्मत करने की जरूरत नहीं समझी। पालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही इतनी कि सड़क की जो ईंटें निकाली गईं, उन्हें भी सही से नहीं बिछाया गया। लिहाजा इन गलियों से पैदल निकलने वाले लोग ठोकरें खा रहे हैं, जबकि वाहन भी फिसलते हैं। इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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जलकल विभाग में इतनी कटती रसीद
नगर पालिका का जलकल विभाग कोई भी रोड काटने पर अलग-अलग फीस प्रति वर्गमीटर में वसूलता है। इंटरलॉकिंग रोड का 865 रुपये, सीमेंट रोड का 960 और हॉटमिक्स रोड का पांच हजार रुपये वसूलता है। इसकी विभागीय स्तर से रसीद भी काटी जाती है। मगर रोड कटने के बाद मरम्मत नहीं होती।
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शहर के मोहल्ला शमशेरखानी निवासी रहीश उर्फ मुन्ना के मकान के पास करीब दो साल पहले लीकेज बंद करने के लिए सड़क की खोदाई हुई थी। इसमें मिट्टी की बिना ठुकाई के ही बेतरतीब ईंटें बिछा दीं। लिहाजा काफी गड्ढा दिक्कत दे रहा है।
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बागरुस्तम निवासी सलमान के मकान के सामने दो स्थानों पर काफी बड़े गड्ढे हैं। यह सड़क एक साल पहले नई बनाई गई थी। ईंटें ऐसी हैं कि कई बार दोपहिया वाहन गिर चुके हैं। बिजली न होने पर ठोकरें लगना आम बात है।
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मोहल्ले के तिराहे पर करीब दो महीने पहले पानी की लाइन सही करने के लिए गड्ढा खोदा। जिम्मेदारों ने ऊपर से बेतरतीब ईंटें रख दीं। व्यस्त स्थान होने की वजह से यहां आए दिन हादसे होते हैं। विभाग ने सही से मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी।
-पानी की लाइन मरम्मत के लिए खोदे गए गड्ढे की तुरंत मरम्मत की जाती है। यदि कहीं मरम्मत नहीं की गई, तो वह इसकी जांच करवाएंगे। गड्ढों को सही कराया जाएगा।
-रविंद्र कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद।