फर्रुखाबाद/अमृतपुर। करीब 40 दिन बाद गंगा का जलस्तर तेजी से कम होने लगा है। वहीं, ग्रामीणों की मुश्किलें अब भी बरकरार हैं। बाढ़ से सड़कें कट रही हैं। फसलें भी सड़ रहीं।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घटकर 137.00 मीटर से 136.85 मीटर पर पहुंच गया। वहीं, रामगंगा का जलस्तर 136.55 मीटर से घटकर 136.35 मीटर पर आ गया। नरौरा बांध से 80,447 क्यूसेक और खो, हरेली, रामनगर बैराज से 9,647 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दोनों नदियों का जलस्तर कम होने लगा।
इसके बावजूद बाढ़ पीड़ितों की परेशानियां खत्म नहीं हुई हैं। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, सैदापुर सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, नगला दुर्गू, मंझा, बरुआ, तीसराम की मड़ैया, कड़हर में बीमारी फैल रही। इसके अलावा सिया, खुटिया, प्रतिपालपुर, बसायकपुर, तेरा अकबरपुर, सवितापुर आदि में बुखार, जुकाम और पेट की बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में नहीं पहुंची हैं।
वहीं, घरों व गलियों में अभी भी पानी भरा हुआ है। खेतों में खड़ी फसल और घास सड़ने से दुर्गंध उठने लगी है। उमस भरी गर्मी में बाहर भरे पानी के उबलने से हालात और बिगड़ रहे हैं। अमृतपुर में बाढ़ का पानी उतरने से कई मार्गों पर दरारें पड़ गई हैं और संपर्क टूट गया है।
इमादपुर सोमवंशी मार्ग, कुबेरपुर, डांडीपुर, माखन नगला आदि रास्ते कट गए हैं। कड़हर मार्ग पर पानी कम होने से बाइकें तो निकलने लगी हैं, लेकिन छोटे वाहन अब भी फंस रहे हैं। तीसराम की मड़ैया जाने वाला मार्ग कई जगह से कट जाने के कारण ट्रैक्टर तक नहीं पहुंच पा रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि बरुआ, अमीराबाद, बमियारी, रामपुर रतनपुर, अंबरपुर, उदयपुर, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, कुबेरपुर, रामपुर जोगराजपुर आदि गांवों में तेज बहाव के चलते ग्रामीण नावों से आवागमन कर रहे हैं। जमापुर डिप से बाढ़ का पानी उतर चुका है, चित्रकूट डिप पर अभी भी दो फीट से अधिक पानी बह रहा है।