बाढ़ के पानी के बीच साइकिल पर चारा रखकर लाता ग्रामीण।
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बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। जलस्तर घटने के बाद गंगा और रामगंगा ने दोबारा से उफान भरना शुरू कर दिया है। गंगा के जलस्तर में पांच और रामगंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे अमृतपुर और शमसाबाद इलाकों के गंगा और रामगंगा किनारे बसे गांवों में पानी दोबारा से भरना शुरू हो गया है।
शमसाबाद और अमृतपुर क्षेत्र के गंगा और रामगंगा किनारे बसे गांवों से अभी बाढ़ का खतरा कम नहीं हुआ है। गंगा और रामगंगा के जलस्तर में कमी होने से ग्रामीणों ने राहत ली थी। लेकिन सोमवार को दोनों नदियों ने दोबारा से उफान भरना शुरू कर दिया है। गंगा में नरौरा से 134235, हरिद्वार से 41995 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विजनौर से 115869 क्यूसेक पानी छोडा गया है। गंगा के दोबारा उफान से गांवों में दोबारा से पानी भरना शुरू हो गया है। इस कारण ग्रामीण गांव से बाहर निकल कर सड़क पर पॉलीथीन तान कर रहने लगे है। रामगंगा ने भी उफान भरना शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह रामगंगा का जलस्तर 135.00 था। शाम चार बजे तक जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी होने के कारण जलस्तर 135.15 मीटर पर पहुंच गया है। इसमें 6110 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।