यूपी बोर्ड परीक्षा 19 फरवरी से होने जा रही है। इस बार ऐसे कालेजाें को
केंद्र बना दिया गया है जहां मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। कहीं टीन पड़ी
है, कई जगह फ र्नीचर ही पर्याप्त नहीं है। कई केंद्राें तक पहुंचने का
रास्ता भी ठीक नहीं है। शौचालय व पेयजल की भी दिक्कत रहेगी। हाल यह है कि
कई केंद्रों में चहारदीवारी और बिजली की व्यवस्था तक नहीं है। दस दिनाें
में यह केंद्र मोटी-मोटी तैयारियंा कर लें यही बहुत है।
19 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड की
परीक्षा के लिए 82 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 81 स्कूल और एक
केंद्रीय कारागार है। ग्रामीण इलाकों में बनाए गए कई परीक्षा केंद्र जिला
मुख्यालय से 40 से 60 किलोमीटर दूर हैं। यहां नकल की खबर पर पहुंचने के लिए
अधिकारियों को टूटी सड़क और कच्चे मार्ग पर गाड़ियां दौड़ानी हाेंगी। यह
समय पर पहुंच भी जाएं तो बड़ी बात है।
कई केंद्राें पर परीक्षार्थियों के
बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और चहारदीवारी नहीं है। इन्हें भी
परीक्षा केंद्र बना दिया गया। इन स्कूलाें ने केंद्र बनवाने के लिए पहले ही
जाल बिछा दिया था। यह अपनी योजना में सफल भी हो गए। इससे बोर्ड परीक्षा
नकल विहीन कराए जाने का अधिकारियों का दावा फेल होता लग रहा है।
दीवारों को दिखा दिया कमरा, टीन शेड में परीक्षा
पंडित जवाहर लाल नेहरू इंटर कालेज कमालगंज को परीक्षा केंद्र बनाया गया
है। यहां पहुंचने के लिए टूटी सड़क है। परीक्षा केंद्र में 28 कमरे दिखाए
गए हैं। बाउंड्री और पेड़ लगे स्थान को 12 नंबर कमरा दिखा दिया गया। छतों
पर खपरैल और टीन शेड पडे़े हैं। 21 से 26 कमरों की हालत जर्जर है। यहां
बिजली की व्यवस्था नहीं है। चहारदीवारी न होने से बाहरी लोगों का स्कूल में
आनाजाना रहता है।
स्कूल तक जाने का रास्ता खस्ताहाल
जनता इंटर कालेज खंडौली को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस केंद्र तक
जाने का रास्ता खस्ताहाल है। यहां अधिकारियों को पहुंचने के लिए टूटी सड़क
से गुजर कर जाना होगा। यही हाल श्रीमती शांति देवी रघुराज इंटर कालेज तक
जाने वाले मार्ग का है। इस स्कूल तक जाने के लिए बनी सड़क कई जगह से टूट गई
है।
तीन किलोमीटर कच्चा रास्ता
आदर्श
भारतीय इंटर कालेज नगला घुरुआ को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां
पहुंचने के लिए अधिकारियों को मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर तक धूल
फांकते हुए जाना होगा। यह रोड कच्चा है। अभी तक इसका निर्माण नहीं हुआ है।
कच्चा मार्ग होने के कारण आवागवन में दिक्कत होती है।
वर्जन
परीक्षा
केंद्र प्रभारियों को केंद्र पर बिजली, पानी, फर्नीचर की व्यवस्था करने के
आदेश दिए गए हैं। जहां फर्नीचर कम है, उन स्कूलों के प्रधानाचार्य को
विद्यालय विकास निधि से जिला स्तरीय गठित समिति की संस्तुति लेकर सभी
व्यवस्थाएं करने का आदेश दिया है। -भगवत पटेल, जिला विद्यालय निरीक्षक