श्रीरामकथ अमृत वर्षा के समापन अवसर पर विजय कौशल महाराज ने राम के राज्याभिषेक का वर्णन किया। कहा कि राम के राजगद्दी पर बैठते ही राज्य में चारों ओर सुख और शांति स्थापित हुई। इन्होनें कहा कि बुराई को मिटाने के लिए दृढ़ संकल्पित होना पड़ता है। भगवान राम ने दृढ़ निश्चय कर अंहकार रूपी रावण को मार कर संसार में शांति की स्थापना की थी।
सीपी ग्राउंड में 8 जनवरी से चल रही रामकथा अमृत वर्षा के समापन अवसर पर कथा वाचक विजय कौशल महाराज ने राम-रावण युद्ध और राम के राज्याभिषेक के साथ कथा को विराम दिया। उन्होनें कहा कि विपत्ति आने पर ही लोग भगवान को याद करते है।
लोग यदि सुख में भगवान का सुमरन करते रहे तो विपत्ति व्यक्ति का कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। कथा समापन पर आयोजकों की ओर से पूर्व पालिकाध्यक्ष मिथलेश अग्रवाल ने सभी आभार जताया।
इस दौरान पूर्व राज्य सभा सदस्य रामबख्श वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल, बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह, शमसाबाद चेयरमैन विजय गुप्ता, चंद्र प्रकाश अग्रवाल पिक्को बाबू, सत्य प्रकाश अग्रवाल, लक्ष्मी नरायन अग्रवाल, गिरीश चंद्र अग्रवाल, प्रहलाद नरायन अग्रवाल, सत्यनरायन अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, जय कुमार अग्रवाल, ऋतु अग्रवाल, योगेश तिवारी, पीरथ, पवन गुप्ता, मनोज कौशल, उमेश गुप्ता, पियूष अग्रवाल, हरेराम अग्रवाल, रामकुमार अग्रवाल ने आरती की ।