कमालगंज (फर्रुखाबाद)। बदले आरक्षण ने खुदागंज के लक्ष्मीकांत की किस्मत बदल दी है। वह मुंबई में टैक्सी चलाना छोड़कर एक साल से गांव में संपर्क में लगे थे। दो मार्च को जारी प्रस्तावित आरक्षण सूची में प्रधान पद सामान्य होने पर वह मुंबई लौट गए। बदले आरक्षण में सीट एससी महिला के लिए आरक्षित होने पर गांव आकर मां को चुनाव लड़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
गांव खुदागंज निवासी लक्ष्मीकांत उर्फ झब्बू पढ़ाई के बाद 2010 में मुंबई चले गए थे। वहां टैक्सी चलाने लगे। खर्च निकालकर 20 हजार रुपये महीने की कमाई होने लगी। पंचायत चुनाव में प्रधान पद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए अरक्षित होने की उम्मीद में एक वर्ष पूर्व गांव लौट आए थे। एक वर्ष से ग्रामीणों के बीच रहकर अपने पक्ष में माहौल बना रहे थे।
दो मार्च को जारी आरक्षण सूची में प्रधान पद सामान्य (अनारक्षित) होने से लक्ष्मीकांत को मायूसी हुई। वह मुंबई लौट गए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा आरक्षण होने पर प्रधान पद एससी महिला के लिए आरक्षित होने पर लक्ष्मीकांत फिर गांव लौट आए हैं। उन्होंने मां को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है।