कमालगंज। भाजपा विधायक की खिलाफत करने का आरोप लगाकर जिला पंचायत सदस्य व उसके बेटे को जातिसूचक गालियां देकर पीटा गया। इस मामले में पुलिस ने विधायक पुत्र व पूर्व प्रधान समेत 30 लोगों पर मारपीट व एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया है। रुपये बांटने के आरोप लगा शनिवार रात विधायक पुत्र समर्थकों के साथ जिला पंचायत सदस्य समेत तीन लोगों को पकड़कर थाने ले गए थे।
मतदान से पहले शनिवार रात भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी व विधायक नागेंद्र सिंह राठौर का पुत्र अतुल प्रताप सिंह समर्थकों के साथ जिला पंचायत सदस्य बंटू नागर, उसके बेटे अभिषेक नागर व एक अन्य युवक को पकड़ कर थाने ले गए। तीनों को पुलिस के हवाले कर भाजपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि यह लोग अखमेलपुर आदि गांवों में मतदाताओं को लुभाने के लिए रुपये बांट रहे थे।
तीनों के पास से नकदी बरामद नहीं हुई थी, तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य बंटू नागर ने अतुल प्रताप सिंह, चंदनपुर निवासी पूर्व प्रधान गोल्डी ठाकुर, सदरियापुर निवासी गोल्डी ठाकुर, सबलपुर निवासी गौरव, पूर्व प्रधान पुत्र दीपक गहरवार व 25 अज्ञात के खिलाफ मारपीट व एससी/एसटी एक्ट का रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि शनिवार रात नौ बजे वह घर पर मौजूद थे। उसी समय आरोपी वहां पहुंचे। विधायक के पुत्र ने कहा कि हमारे पिता नागेंद्र सिंह की खिलाफत कर रहे हो। इसका विरोध करने पर विधायक के पुत्र ने उसे व उसके बेटे अभिषेक नागर को जाति सूचक गालियां देते हुए मारापीटा और जबरन कार में डाल लिया।
सबलपुर मोड़ पर उसने व बेटे ने चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद आरोपियों ने उन लोगों को पकड़ कर पीटा। ग्रामीणों के एकत्रित होने पर आरोपी भाग गए। सीओ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।