फर्रुखाबाद। जिले में ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा कार्यों की शुरुआत हो गई है। मसेनी चौराहे पर थर्मोप्लास्टिक पेंट से छह रंबल स्ट्रिप लाइनें तैयार की गईं, जो गति नियंत्रित करने और चालकों को सतर्क करने में सहायक होंगी।
वहीं, कई ब्लैक स्पॉट अब भी सुरक्षा इंतजामों से वंचित हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730सी पर वर्ष 2024 में जहां 33 दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं, वहीं इस वर्ष अब तक 106 हादसे सामने आ चुके हैं। जिन बिंदुओं पर रंबल स्ट्रिप, चेतावनी संकेतक, कैट-आई और जेब्रा क्रॉसिंग लगाने के निर्देश दिए गए थे, उनमें से कई स्थानों पर अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। पांचाल घाट चौराहा पर तो किसी तरह का काम नहीं हुआ है। यहां डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर तक लगाना उचित नहीं समझा गया।
डबरी, निबिया चौराहा, जमापुर, सिरमौरा बांगर पुलिया, मधुवन होटल के पास, रामलीला मैदान के आसपास, महरूपुर सहजू मोड़, तिलियानी गांव, नगला नान, पसनिंगपुर, बरझाला, रायपुर और वेदांता हॉस्पिटल के पास हाल के महीनों में कई हादसे हुए। इनमें से कई स्थान अभी भी सुरक्षा उपायों से वंचित हैं, जबकि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई ठोस रूप नहीं ले पा रही है।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर विश्वास मिश्रा ने बताया कि हाईवे पर रंबल स्ट्रिप बनाने का काम शुरू कराया गया है। कई स्थानों पर रंबल स्ट्रिप के साथ ही साइन बोर्ड आदि लगाने का काम हो रहा है। जल्द ही सभी ब्लैक स्पॉट व अन्य स्थानों पर काम पूरा करा लिया जाएगा।
चिह्नित 11 ब्लैक स्पॉट
जनपद में कुल 11 ब्लॅक स्पॉट चिह्नित हैं। इनमें से इटावा-बरेली हाईवे 730 सी पर चाचूपुर मोड़, जमापुर चौराहा, निबिया चौराहा, सकवाई, रोहिला चौराहा, मसेनी चौराहा, पांचाल घाट चौराहा पर सात ब्लैक स्पॉट हैं। शेष चार मोहम्मदाबाद के जैतपुर, फतेहगढ़ के महरूपुर सहजू मोड़, मऊदरवाजा क्षेत्र में जसमई तिराहा और कायमगंज में दमदमा मोड़ हैं।
फोटो-10 पांचाल घाट स्थित डिवाइडर पर नहीं लगे रिफ्लेक्टर। संवाद