फर्रुखाबाद। दिव्यांग उपकरण वितरण घोटाले में पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पूर्व विधायक पत्नी लुईस खुर्शीद को सोमवार को अदालत से राहत मिली। एमपी-एमएलए कोर्ट के प्रभारी व अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हिमांशु नौटियाल ने उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) को वापस लेने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा, लखनऊ (ईओडब्ल्यू) में तैनात रहे तत्कालीन निरीक्षक रामशंकर यादव ने जांच के बाद 10 जून 2017 को कायमगंज कोतवाली में शहर कोतवाली के मोहल्ला खतराना स्ट्रीट निवासी डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्यूश शुक्ला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दिव्यांग उपकरण वितरण के कई शिविर लगाकर धन का गबन करने का आरोप लगाया था। जांच में ट्रस्ट के सचिव अतहर फारूकी और परियोजना निदेशक लुईस के नाम भी प्रकाश में आए थे। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई चल रही है। अदालत में उपस्थित न होने पर लुईस के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो गया था। इसके चलते सोमवार को लुईस न्यायालय में उपस्थित हुईं।
उनके अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार चौहान ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गैरजमानती वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। अदालत को बताया कि पूर्व विधायक ने जांच में पूरा सहयोग किया है और इलाहाबाद उच्च न्यायालय से 16 दिसंबर 2019 को उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत मिल चुकी है। बताया कि मामले में आरोपी के बरी करने का आवेदन खारिज होने के बाद दाखिल रिवीजन याचिका के चलते प्रकरण उच्च अदालत में लंबित था। डिवीजन कोर्ट के फाइल वापस ट्रायल कोर्ट भेजे जाने की जानकारी समय पर न मिलने से वह एक तारीख पर उपस्थित नहीं हो सकीं। इसके चलते उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो गया था। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकुंतला देवी, नगर अध्यक्ष व अधिवक्ता अंकुर मिश्रा आदि मौजूद रहे।