फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों की मेहरबानी पर सहायक लेखाकार पद पर भर्ती हुए कर्मचारी को लेखाकार का मानदेय दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अधिकारी इस मामले में गोलमोल जवाब देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में करीब सात साल पहले आउटसोर्सिंग पर सहायक लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि पदों पर भर्तियां हुई थीं। राजेपुर ब्लॉक में सहायक लेखाकार के पद पर एक कर्मचारी की नियुक्ति हुई थी। विभागीय सूत्रों ने बताया कि नियुक्ति के बाद कर्मचारी एसएसए कार्यालय में लेखाकार के पद पर आकर काम करने लगा। लगभग छह साल से कर्मचारी एसएसए में लेखाकार के पद पर कार्य कर रहा है और मानदेय भी इसी पद का ले रहा।
इसकी शिकायतें जिलाधिकारी से कई बार की गईं। डीएम ने जांच के आदेश भी दिए, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में है। यही भी बताया जा रहा है कि लेखाकार पद पर कार्य कर रहे कर्मचारी को नियुक्ति पत्र भी जारी नहीं हुआ है। आरोप है कि शैक्षिक अभिलेख भी फर्जी लगे हैं। करीब दो माह पहले डीएम ने मामले की जांच करने के निर्देश भी दिए थे। मगर मामला दबा दिया गया।
अब मामला संज्ञान में आया है। इसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। दिखवाया जाएगा कि कर्मचारी की नियुक्ति कब और किस पद पर हुई थी। नियुक्ति पत्र की भी जानकारी की जाएगी। अगर फर्जीवाड़ा निकला तो कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अनुपम अवस्थी, प्रभारी बीएसए।