अमृतपुर। कोरोना काल में मिड-डे-मील (एमडीएम) योजना के तहत तीन लाख रुपये से अधिक की धनराशि घोटाले की जांच करने नवाबगंज व शमशाबाद खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय में पहुंचे। बुधवार को टीम ने प्रधानाध्यापक से संबंधित अभिलेख तलब किए। तत्कालीन इंचार्ज प्रधानाध्यापक व एक शिक्षक को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी निलंबित कर चुके हैं।
ब्लॉक राजेपुर के ग्राम पंचायत कुम्हारौर विद्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज अमर सिंह राणा और शमसाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह पटेल जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने इंचार्ज प्रधानाध्यापक आशीष द्विवेदी से एमडीएम से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और मौके पर मौजूद अभिलेखों की जांच भी की है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने बताया कि उन्हें जुलाई 2023 में विद्यालय का चार्ज मिला था। वर्तमान में एमडीएम खाते में करीब सात लाख रुपये मौजूद हैं। इसमें से पांच लाख रुपये पूर्व अवधि के हैं। मामले में पूर्व प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना की पत्नी ने शिकायत की थी कि एमडीएम मानकों के अनुरूप नहीं बनाया जा रहा है और बच्चों की संख्या बढ़ाकर दर्शाई जा रही है। जांच के दौरान अधिकारियों ने बच्चों और अभिभावकों से भी जानकारी ली, जिन्होंने वर्तमान में एमडीएम सही तरीके से बनाए जाने की बात कही।
प्रधान हिमानी सिंह ने 20 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि वर्ष 2020-21 के कोरोना काल में इंचार्ज प्रधानाध्यापक मृदुल सक्सेना ने 2.66 लाख रुपये निकाल लिए हैं। शिक्षक यतेंद्र सिंह ने दो बार अपने नाम चेक काटकर एमडीएम खाते से धन निकाला।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह पहले ही आरोपी इंचार्ज प्रधानाध्यापक व शिक्षक को निलंबित कर चुके हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक अभिलेख मांगे गए हैं। सभी दस्तावेज मिलने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी।