फर्रुखाबाद। विशेष अदालत पाक्सो एक्ट के न्यायाधीश प्रेम शंकर ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी युवक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। 22 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की 16 वर्षीय पुत्री 16 सितंबर 2013 को कस्बा में दवा लेने गई थी। वह लौट कर घर नहीं आई। परिजन उसकी तलाश करने लगे। परिजनों को पता चला कि उसकी पुत्री को गांव तकीपुर निवासी हरिपाल, मोहल्ला आंबेडकर नगर निवासी सुरेंद्र और इनका मिलने वाला मथुरा जिले के थाना नरहौली के गोवर्धन चौराहा गीता नगर कालोनी निवासी जीतू उर्फ जीतेश कुमार अपने साथ ले गए हैं।
पिता ने तीनों आरोपियों के खिलाफ किशोरी को ले जाने का मुकदमा मोहम्मदाबाद कोतवाली में दर्ज कराया। आठ दिन बाद मोहम्मदाबाद क्षेत्र से पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। चिकित्सीय परीक्षण में दुष्कर्म का मामला सामने आया। विवेचक ने जांच के बाद जीतू उर्फ जीतेश के खिलाफ किशोरी को ले जाने, दुष्कर्म करने, पाक्सो एक्ट के तहत और हरिपाल व सुरेंद्र के खिलाफ किशोरी को ले जाने के अपराध में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास कटियार, अनुज कटियार, प्रदीप सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने हरिपाल व सुरेंद्र को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया। जीतू उर्फ जीतेश को किशोरी को ले जाने, दुष्कर्म करने व पाक्सो एक्ट के जुर्म में 24 जून को दोषी करार दिया था।
न्यायाधीश ने सोमवार को दोषसिद्ध जीतू को 10 साल कैद और जुर्माने से दंडित किया। न्यायाधीश ने पीड़िता को प्रतिकर धनराशि निर्धारित करने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को दिया है। निर्धारित धनराशि जिलाधिकारी सरकार की ओर से चल रही योजनाओं से पीड़िता को भुगतान कराएंगे।