नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आग की लपटें शहर में भी शुक्रवार को पहुंच गईं। जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद के बाहर एकत्र हुए लोगों को पुलिस घर भेज रही थी। तभी छतों से पुलिस फोर्स पर पथराव कर दिया गया।
इससे कुछ लोग व पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने बवालियों पर लाठियां बरसाईं गईं। फिर भी बवाली छतों से पथराव करते रहे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। तब स्थिति नियंत्रण में आ सकी। बाद में पुलिस ने गलियों में खड़े लोगों को लाठी फटकार कर खदेड़ दिया। इसके बाद जामा मस्जिद से शांति बनाए रखने की अपील की गई। पथराव में एक फोटोग्राफर को चोट आई है, जबकि एक का मोबाइल टूट गया।
जुमे की नमाज के चलते फोर्स पहले से सतर्क थी। जामा मस्जिद सहित प्रमुख स्थानों पर फोर्स तैनात कर दिया गया था, पर करीब दो बजे नमाज समाप्त होने के बाद लोग मस्जिद से निकल आए। भीड़ देख दुकानदार शटर गिराने लगे। फोर्स की एक टुकड़ी लोगों को घुमना बाजार की ओर लेकर जाने लगी।
फोर्स बूरा वाली गली के सामने पहुंचा, तभी पीछे रह गए कुछ पुलिसकर्मियों पर छतों से लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पूरा फोर्स जामा मस्जिद के सामने पहुंच गया और सड़क पर खड़े लोगों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। बावजूद इसके छतों से पथराव करने वाले नहीं माने।
इस पर फोर्स ने आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए। तब बवाली छतों से हटे। इस बीच फोर्स बवालियों को खदेड़ता हुआ पक्के पुल पहुंच गया। वहां भी छतों से फोर्स पर पथराव किया गया, इसमें कुछ पुलिस कर्मी व आम लोग घायल हो गए। वहां भी पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
इसी बीच डीएम मानवेंद्र सिंह व एसपी डॉ. अनिल मिश्रा जामा मस्जिद के सामने बड़ी संख्या में फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। मौलाना शमशाद चतुर्वेदी व आकिल खां ने शिकायत की कि सीओ सिटी ने उनसे अभद्रता की है। एसपी ने उन्हें समझाकर शांत किया।
इसके बाद शमशाद चतुर्वेदी व आकिल खां ने लोगों से शांति बनाए रखने को कहा। कोतवाल देवेंद्र दुबे के साथ मौलाना मस्जिद में गए। तब मस्जिद से मौलाना मोअज्जम अली ने लाउडस्पीकर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन उनके साथ है। कोई अभी उपद्रव न करे।
इस बीच व्यापार मंडल के प्रांतीय नेता अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, संजीव मिश्रा बॉबी, मनोज मिश्रा व कुक्कू चौहान पहुंच गए। तब डीएम व एसपी ने पूरे शहर में रूट मार्च किया और लोगों से अमन चैन बनाए रखने को कहा। गलियों में खड़े लोगों को खदेड़ दिया। इसके बाद पूरे शहर में फोर्स तैनात कर दिया गया और रेलवे रोड सहित शहर की सभी दुकानें बंद करा दी गईं। घरों के अंदर से लोग बाहर का नजारा देखते रहे।