मानस सम्मेलन में श्रीराम कथा में मानस माधुरी पूर्णिमा तिवारी ने कहा कि श्रीराम की लीलाएं व्यक्ति को जीवन जीने के संस्कार देती हैं। भगवान राम की कथा अनादिकाल से चली आ रही है।
शहर के पं. दुर्गा प्रसाद बद्री प्रसाद उमा विद्यालय में चल रही रामकथा में पूर्णिमा तिवारी ने कहा कि पृथ्वी पर अनाचार, अत्याचार, पापाचार बढ़ने से भगवान लोगों के दुख दूर करने के लिए मानव रूप में अवतार लेते हैं। श्रीराम के जन्म की कथा सुन श्रोता भावविभोर हो गए।
मानस विदुषी स्वतंबरा, अरिमर्दन शास्त्री, पं. अतुल ने भगवान का उत्सव मनाया। पांडाल में मौजूद श्रोताओं ने भगवान का प्राकट्योत्सव मनाया। फूलों की वर्षा की।
इस मौके पर कथा संयोजक भारत सिंह, ब्रजकिशोर सिंह, रामू, शकुंतला कनौजिया ने श्रीराम की आरती उतारी। आयोजन समिति ने महाआरती, भव्य श्रृंगार युक्त झांकी के दर्शन कराए। बाद में प्रसाद वितरण किया गया।