कसबे से शनिवार को दशहरा पर्व पर निकले राम-रावण के रथों और मोहर्रम जुलूस में गंगा-जमुनी तहजीब देखने को मिली। पहले राम-रावण के रथों को निकाला गया। इसके बाद मोहर्रम जुलूस निकला। मोहर्रम जुलूस और दशहरा पर्व पर राम-रावण के बीच युद्घ करते जुलूस में दोनों समुदाय के लोगों ने शिरकत की।
शनिवार को कमालगंज में दशहरा पर्व पर रावण वध का आयोजन और मोहर्रम जुलूस निकलना था। सुबह 10 बजे राम व रावण के रथ युद्घ करते हुए थाने के पास से निकले। इसके बाद दोपहर करीब 11.30 बजे मोहर्रम जुलूस निकलना शुरू हुआ। मोहर्रम जुलूस और राम-रावण के बीच युद्घ करते जुलूस में दोनों समुदाय के लोगों ने शिरकत की।
सकुशल मोहर्रम और राम-रावण युद्घ करते जुलूस निकलने पर जिला और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जुलूसों में जियाउद्दीन, मुर्तजा खां, अरीब खां, शानू, आसिफ खां, सज्जादान नशीन गालिब मियां, उमेश यादव, मदन महेश्वरी, सतीशचंद्र दुबे, इमरान खां, अकरम, सतीशचंद्र गुप्ता, अनिल गुप्ता, मनोज हलवाई, गौरव गुप्ता, वारिस हयात, राहत हयात, अकरम, हुमायूं अख्तर, मोहम्मद हसी, रवि दुबे, कल्लू महेश्वरी आदि मौजूद रहे।
मोहर्रम जुलूस मुख्य मार्गों से होता हुआ गंगा गली स्थित कर्बला पहुंचा, यहां अलम दफनाए गए। वहीं राम-रावण की सेना युद्घ करते हुई रामलीला मैदान पहुंची। इस मौके पर तहसीलदार आरपी चौधरी, सीओ कालूराम दोहरे मौजूद रहे।