फर्रुखाबाद। मोहल्ला घेर शामू खां में आयोजित मजलिस में जाकिरे अहल बैत फरहत अली जैदी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शिक्षाएं हर युग के लिए प्रासंगिक हैं। उनकी शिक्षाएं किसी खास कौम तक सीमित नहीं है। उन्होंने कर्बला की घटना को इस अंदाज में बयां किया कि लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान शैदाइयों ने सीनाजनी का मातम कर आंसू बहाए।
शुक्रवार को शिया इमामबाड़ों में देर रात तक मजलिसों का दौर चला। लोग एक मजलिस से दूसरी मजलिस में दौड़ लगाते रहे। मोहल्ला घेर शामू खां में आयोजित मजलिस में फरहत अली ने कहा कि हुसैन ने अपनी जान देकर इस्लाम को जिंदा कर दिया। जालिम यजीदियों ने तपते रेगिस्तान में फात्मा के चमन को उजाड़ दिया।
मासूम असगर को भी नहीं बख्शा। पर्दानशीन महिलाओं पर सितम किए। कर्बला की दर्दनाक घटना सुनकर शैदाई रो पड़े और मातम किया। इस अवसर पर आफताब हुसैन, नावेद अल्वी, नफीस हुसैन, ताहिर हुसैन, मुम्ताज हुसैन, मेराज हुसैन, एजाज हैदर, इसरार हुसैन और नफीस हुसैन आदि मौजूद रहे।