श्रीराम और रावण में घमासान युद्ध के बाद नाभि में तीर लगते ही रावण का अंत हो गया। इसी के साथ पुतला दहन का कार्यक्रम हुआ। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को आग के हवाले किया गया।
इसके बाद चली आतिशबाजी ने आसमान को रंगीन कर दिया। क्रिश्चियन मैदान में भारी भीड़ उमड़ी। पुलिस को भीड़ संभालने के लिए कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से सरस्वती भवन में चल रहे रामलीला मंचन में श्रीराम और रावण में युद्ध की लीला का मंचन किया गया। रथों पर सवार श्रीराम और रावण युद्ध करते हुए बढ़पुर स्थित क्रिश्चियन मैदान पर पहुंचे।
यहां करीब पौन घंटे तक श्रीराम और रावण में युद्ध की लीला का मंचन किया गया। शाम करीब साढ़े छह बजे श्रीराम ने रावण की नाभि में तीर मारा, तो रावण धराशाई हो गया। इसी के साथ मंचन स्थल पर जुटी हजारों की भीड़ जयश्रीराम का उद्घोष करने लगी।
मंचन स्थल पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के बनाए गए पुतलों का श्रीराम ने तीर चलाकर दहन किया। इसके बाद वहीं बनाई लंका को भी आग के हवाले कर दिया गया।
लीला स्थल पर शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन हुआ। करीब एक घंटे तक इसमें तरह-तरह की आतिशबाजी चलाई गई। आयोजन में एसपी डा. अनिल मिश्र, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, एएसपी त्रिभुवन सिंह, एडीएम विवेक कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ के अलावा कमेटी के लालजी टंडन, धीरू सारस्वत, कपिल गुप्ता आदि थे। कलाकारों का निर्देशन मटनलाल दुबे ने किया।
दशहरा के पर्व का बच्चों में भी विशेष उत्साह रहा। मोहल्ला जटवारा जदीद में लोकतंत्र सेनानी चंद्रपाल वर्मा की देखरेख में बच्चों ने पुतला बनाया। इसके बाद उसे आग के हवाले किया। इस मौके पर शिवम, शिवा, आदित्य, क्रिश, रजित, दुर्गेश यादव, वेदराम पाल, हरीशंकर, प्रकाश बाथम, दया, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।
जिला जेल में बंदियों ने श्रीरामलीला का सफल मंचन करके एक मिशाल पेश की है। मंचन में श्रीराम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के विवाह की लीला का मंचन किया गया। उधर, सकवाई गांव में भी श्रीरामलीला का मंचन किया गया।
जेल में नकारात्मक परिस्थितियों से जूझने के बावजूद विधायक अमर सिंह खटिक के प्रोत्साहन पर बीती साल से शुरू हुई श्रीरामलीला का क्रम इस बार भी हुआ। मंगलवार रात बंदी वीरेंद्र शर्मा, रामू मिश्रा, सुनील कुमार, धर्मेंद्र कुमार, सुमित आदि ने रामलीला के विभिन्न पात्रों का मंचन किया। उनकी लीला को देख अधिकारी, बंदी मंत्रमुग्ध हो गए।
इस मौके पर जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह, कारापाल गिरजाशंकर यादव, चिकित्साधिकारी विजय अनुरागी, यादवेंद्र मोहन, जितेंद्र कुमार यादव, अखिलेश कुमार आदि मौजूद थे।
मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम सकवाई में मंगलवार रात श्रीराम, लक्ष्मण ने रावण के मौसेरे भाई खर और दूषण के मरण व सूर्पणखा के नाक-कान काटने तथा सीता हरण तक की लीला का मंचन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गॉवों तेरा बनपोई, गोसरपुर, गढ़िया के ग्रमीणों की भीड़ उमड़ी रही। व्यवस्था प्रदीप सिंह, यशपाल सिंह, सत्यवीर सिंह, पंकज सिंह, छोटू राठौड़, दीपू राठौड़ ने व्यवस्था सम्भाली।