ओलावृष्टि और बरसात ने पहले से ही गेहूं की फसल बर्बाद करके रख दी थी।
थोड़ी बहुत बची फसल से किसानों को उम्मीद थी। उस पर भी मंगलवार को हुई
बरसात ने पानी फेर दिया। अब किसान फसल सुखा रहे हैं तो गेहूं काला पड़ रहा
है। कहीं-कहीं तो फसल में सूड़ी पड़ने लगी है। बरसात में फसल भीगने से
मड़ाई कराने में तीन से चार दिन का समय और
लगेगा। ऐसे में अगर दोबारा बरसात
होती है तो फसल सड़ ही जाएगी। अमर उजाला ने खेतों में फसल सुखा रहे
ग्रामीणों से जब बातचीत की तो उनका दर्द झलक पड़ा। पेश है सभी सेंटरों के
इनपुट के साथ पड़ताल करती रिपोर्ट।
फिर बरसात हुई तो सड़ जाएगा गेहूं
अमृतपुर में
मंगलवार को हुई बरसात से किसानों की कमर तोड़ दी है। मड़ाई के लिए खेत में
पड़ा गेहूं भीग गया है। ऐसे में अगर दोबारा बरसात होती है तो गेहूं सड़
जाएगा। गांव हरसिंहपुर गहलवार निवासी किसान अनिरुद्ध सिंह चौहान ने कहा कि
बरसात से खंदाई के लिए खेत में रखी फसल भीग गई। फसल सूखने में दो दिन का
समय लगेगा। इसके बाद खंदाई होगी।
अगर इस दौरान बरसात हो गई तो फसल सड़
जाएगी। गांव लभेड़ा निवासी श्रीकृष्ण का कहना है कि पहले से ही बर्बाद थे।
परिवार के खाने के लिए थोड़ा-बहुत गेहूं खेत में मड़ाई के लिए रखा था।
बरसात से वह भी भीग गया। इससे करीब 20 प्रतिशत नुकसान होने का अंदेशा है।
अब गेहूं सूखने के बाद ही मड़ाई होगी। इसमें करीब दो-तीन लगेंगे। ऐसे में
अगर बरसात हो गई तो फसल सड़ जाएगी।
सुखाने के बाद करवाएंगे मड़ाई
राजेपुर के
गांव राजेपुर निवासी उदयवीर ने बताया कि खेत में कटी पड़ी 10 बीघा गेहूं
की फसल भीग गई है। बरसात के बाद निकली धूप में मंगलवार और बुधवार 12 बजे तक
फसल सुखाई लेकिन अब मड़ाई कराने में समय ज्यादा लग रहा है। करीब 20
प्रतिशत नुकसान हुआ है। खंडौली निवासी रामसागर दीक्षित ने बताया कि बरसात
से उनका भूसा भीग गया है।
सूखने के बाद करीब 40 प्रतिशत भूसा खराब होने के
आसार हैं। गांव तुषौर के शंकर सहाय ने बताया कि खंदाई से पहले ही बरसात में
गेहूं की फसल भीग गई। अभी फसल सूखा रहे हैं। एक-दो दिन बाद मड़ाई कराएंगे।
सूखने पर गेहूं की बाली काफी पीली हो गई है। करीब 20 प्रतिशत गेहूं का
नुकसान होगा।
सूखने पर काला पड़ रहा गेहूं
नवाबगंज के गांव
नगला दमू निवासी रामचंद्र ने बताया कि 10 बीघा गेहूं की फसल खेत में पड़ी
थी। यह भीग गई। फसल सूखने से गेहूं काला पड़ेगा। गट्ठर खोलकर गेहूं सुखा
रहे हैं। मढ़ाई करने में दो से तीन दिन का समय लगेगा। फसल भीगने से करीब 15
से 20 प्रतिशत गेहूं काला पड़ जाएगा। गांव कुतबुद्दीनपुर निवासी रामपाल
कहते हैं कि गेहूं सुखाने में दो-तीन
दिन लगेंगे। सुखने के बाद गेहूं काला
पड़ जाएगा। इससे करीब 20 प्रतिशत का नुकसान होगा। गेहूं की फसल सुखा रहे
रामलखन कहते हैं सुखाने के दौरान गेहूं काला पड़ने लगा है। मड़ाई के दौरान
भूसा भी खराब निकलेगा। फसल सुखाने में दो-तीन दिन लगेंगे। अगर इस दौरान
कहीं दोबारा बरसात हो गई तो फसल सड़ जाएगी। अब तो बस भगवान से प्रार्थना है
कि दोबारा बरसात न हो। रामलखन कहते हैं कि कुदरत की मार ने हम किसानों को
कहीं का नहीं छोड़ा है।
मजदूरी कर भरेंगे बच्चों का पेट
कंपिल
नगर पंचायत क्षेत्र के गांव निजामुद्दीपुर निवासी कुंवरबहादुर, राजकुमार,
शेर सिंह, रूपलाल, प्रदीप कुमार, अजय सिंह और करन सिंह ने बताया कि मंगलवार
को बरसात में भीगा गेहूं सूखने पर काला पड़ने लगा है। बरसात से करीब 20
प्रतिशत फसल बर्बाद हुई है। ऐसे में बच्चों का पालन-पोषण करने में भी
दिकक्त आएगी। एक तो पहले से ही परेशान थे ऊपर से कुदरत का कहर फिर बरसात
बनकर बरपा। इतना गेहूं नहीं निकलेगा कि परिवार का भरण-पोषण तक हो सके।
मजबूरी में गांव से पलायन कर मेहनत मजदूरी करने को मजबूर होंगेे
गेहूं में लगने लगी सूड़ी
शमसाबाद के
गांव तालनगरा निवासी सुग्रीव सिंह और दयानंद ने बताया कि गेहूं सूखने पर
काला पड़ने लगा है। अगर दोबारा बरसात हो गई तो गेहूं सड़ जाएगा। करीब
छह-सात दिन बाद मड़ाई हो सकेगी। क्योंकि गेहूं इतना भीग गया है कि सुखाने
में चार-पांच दिन का समय लगेगा। गेहूं में सूड़ी भी लगने लगी है। गेहूं
पीला पड़ गया है। बरसात ने करीब 15
प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। मंगलेश
कुमार, आनंद कुमार और फकीरेलाल आदि ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में भीगा
भूसा भी सड़ने लगा है।
खाने भर को निकल आए गेहूं तो बहुत
कमालगंज के
गांव गढ़िया निवासी महेंद्र कुमार, कल्लू, असद निवासी नगला दाऊद का कहना
है कि मंगलवार को बरसात से गेहूं काफी भीग गया है। गेहूं की फसल के गठ्ठर
खड़े करके सुखा रहे हैं। अगर खेत में पड़े-पड़े फसल सुखाएंगे तो बाली
खराब
हो जाएगी क्योंकि फसल पहले से ही खराब हो चुकी है। फसल सुखाकर मड़ाई करवाने
में करीब पांच-छह दिन लग जाएंगे। बरसात ने बची हुई फसल में भी करीब 15
प्रतिशत का नुकसान कर दिया है। अब तो खाने भर को गेहूं निकल आए तो बहुत है।