आधी और बारिश से जमीन पर टूटे पड़े आम। संवाद
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फर्रुखाबाद। काले बादलों में सूर्य देव के छिपने से रविवार दिन में तीन बजे रात जैसा अंधेरा हो गया। इससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। किसानों के लिए आंधी के साथ हुई बारिश आफत बन टूटी। बारिश से खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग गई। खेतों में लगे भूसे के ढेर उड़ गए। कुछ जगह ओले गिरने से मक्का की फसल और आम टूट कर जमीन पर बिछ गए। करीब एक घंटा झमाझम बारिश होने के बाद काली घटाए छटी और कुछ उजियारा हुआ। इसके बाद रिमझिम बारिश देर शाम तक होती रही।
गांव असगरपुर निवासी अजयपाल ने छह बीघा खेत के गेहूं काटे और वह ट्रैक्टर ट्राली से घर लेकर जा रहे थे। बारिश होने से घर तक पहुंचने में पूरा गेहूं भीग गया। रमाकांत का दो बीघा, सतेंद्र का तीन बीघा, चिलसरा निवासी जितेंद्र पाल का सात बीघा गेहूं बारिश में भी गया। इसी तरह अन्य गांवों में किसानों का गेहूं भीग गया है। मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार तेज आधी के साथ हुई बारिश और ओले गिरने से खेत में खड़ी मक्का की फसल टूट गई और आम पेड़ से टूट कर जमीन पर बिछ गए। यह देखकर किसान बेहाल हो गए। कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार आंधी के साथ हुई बारिश से खेतों में कटी पड़ी फसल उड़कर खेतों में फैल गई। उसके भीगने से किसानों के चेहरे मुरझा गए।
आधी और आरिश से खेत में उड़ने के बाद भीगी पड़ी गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD