फतेहगढ़ स्थित शेल्टर होम में बैठे नेपाली युवक। संवाद
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फर्रुखाबाद। दिल्ली, हरियाणा व पंजाब से पांच दिन पैदल चलकर नेपाल के 26 युवक 24 अप्रैल की रात पांचाल घाट पहुंचे थे। नाव से गंगा पार की तो ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर पुलिस के हवाले कर दिया। उन्हें फतेहगढ़ के शेल्टरहोम में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया। इन युवकों के घरों से फोन आ रहे हैं। किसी की पत्नी को प्रसव होने को है तो कोई मां के बीमार होने से परेशान है।
शेल्टर होम में क्वारंटीन नेपाल के युवकों ने अपना दर्द बयां किया। नेपाल के बागलुंग निवासी चक्रनारायन कार्की ने बताया कि उसकी पत्नी को एक-दो दिन में ही प्रसव होने को है। ललितपुर निवासी सागर की पत्नी का पथरी का आपरेशन होना है। वेदबहादुर सुनार की मां की तबियत खराब है। ज्ञान बहादुर व राज की बहनों की शादी होनी है। राजू ध्यावा छह माह के बच्चे के बीमार होने से परेशान है।
युवकों का कहना है कि पांच दिन पैदल चलने के बाद भी वे लॉकडाउन में फंस गए। वहीं मध्यप्रदेश के दो युवक मुरादाबाद से पैदल आते समय क्वारंटीन कर दिए गए। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक मौर्य ने बताया कि शेल्टरहोम में क्वारंटीन किए गए लोगों की रिपोर्ट वह शासन को भेज चुके हैं। शासन से आदेश आने के बाद ही युवकों को भेजने पर निर्णय लिया जाएगा।