फर्रुखाबाद। कोरोना का कहर सामाजिक कार्यों में बाधक बना है। सामाजिक, राजनीतिक व धार्मिक आयोजनों पर रोक है। बेटियों के सात फेरों पर भी कोरोना का लॉक लगा है। मंगलवार को बेटी की शादी की अनुमति न मिलने से परिजन मायूस होकर लौट गए।
मंगलवार को नौ ऐसे पिता कलक्ट्रेट पहुंचे जो बेटियों की शादी की तिथि तय करने के साथ तैयारी पूरी कर चुके हैं। वे पांच बरातियों की अनुमति लेने गए तो उन्हें मायूसी हाथ लगी।
बढ़पुर ब्लाक के गांव खतवापुर टिमरुआ निवासी बेटी की शादी एक मई को, नवाबगंज विकास खंड के गांव नगला जब्ब निवासी बेटी की शादी 4 मई को, मोहम्मदाबाद के मोहल्ला आवंतीबाई नगर निवासी युवक की शादी 5 मई को, राजेपुर के गांव सवासी निवासी युवती की पांच मई को, दुर्गूपुुर निवासी युवक की शादी एक मई को, मोहम्मदाबाद ब्लाक के कन्हूयाकूबपुर निवासी युवक की शादी 30 अप्रैल को प्रस्तावित है।
इनके पिता ने बताया कि वे एडीएम व एसडीएम से अनुमति लेने गए थे। बेटे की शादी को पांच बराती ले जाने व बेटी के विवाह में पांच बराती बुलाने की बात स्पष्ट कही। फिर भी अनुमति नहीं मिली। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने बताया कि किसी भी सार्वजनिक कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।