राजेपुर। झूलते हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से किशोर की मौत से गुस्साए परिजनों ने सोमवार को भारतीय किसान एसोशिएसन के नेताओं के सहयोग से विद्युत उपकेंद्र पर को घेर लिया। इन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकाल कर उपकेंद्र में ताले डाल दिए। ग्रामीणों के गुस्सा के सामने पुलिस ताला खुलवाने में विफल हो गई। सीओ और एसडीओ ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाकर तीन में से दो मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने बिजली और पुलिस विभाग के अफसरों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। सीओ अमृतपुर ने बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। करीब दो घंटे तक उपकेंद्र पर तालाबंद होने के कारण ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप रही।
गांव नौसारा निवासी संतोष कुमार का पुत्र गौरव (14) अपने मित्र सचिन और अक्षय के साथ 24 अक्तूबर की शाम करीब 7.30 बजे डेयरी पर दूध देकर घर लौट रहा था। रास्ते में झूलते हाईटेंशन लाइन से गौरव का सिर छू गया। करंट लगने से गौरव की मृत्यु हो गई थी। सचिन व अक्षय घायल हो गए थे। मृतक के परिजनों को सहायता राशि दिए जाने का आश्वासन अफसरों ने दिया था। सहायता राशि पीड़ित परिवार को नहीं दी गई।
इससे नाराज परिवार के लोग भाकिए के प्रदेश अध्यक्ष विजयवीर व एसोसिएशन के पदाधिकारियों व गांव वालों के साथ सोमवार को दोपहर करीब 12.30 बजे राजेपुर विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे। इन्होंने उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों को बाहर निकाल कर ताला लगा दिया। इसके बाद पर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ताला खुलवाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद शुरू हो गया। ग्रामीणों की गुस्सा देखकर पुलिस शांत हो गई ।
इन्होंने उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे और एसडीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने झूलते तारों को कसने, मुआवजा दिलाने और बिजली विभाग के लापरवाह अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग रखी। एसडीओ ने तारों को शीघ्र कसवाने और एक लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वह रिपोर्ट की मांग पर आश्वासन देने पर चुप्पी साध गए।
यह देख ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यह अफसरों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। मामला बिगड़ता देख सीओ अमृतपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन बंद किया। उपकेंद्र के ताले खोल दिए। ताला 2.30 बजे खोले जाने के कारण दो घंटे तक ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप रही।